आधुनिक समय में तेज़ रफ़्तार से भरी जिंदगी, मोबाइल स्क्रीन और लगातार बढ़ते तनाव के बीच, मन और शरीर में संतुलन बनाए रखना पहले से ज्यादा आवश्यक हो गया हैक्योंकि इन बदलती जीवनशैली के चलते आज लोग चिंता, थकान और जीवनशैली से जुड़ी बीमारियों का सामना कर रहे हैं । इसी ज़रूरत को समझते हुए दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान (डी.जे.जे.एस.) ने अपनी स्वास्थ्य प्रकल्प‘आरोग्य’ के तहत अक्टूबर से दिसंबर 2025 के बीच बिहार, पंजाब, हरियाणा और जम्मू एवं कश्मीर में योग, प्राणायाम और ध्यान के विशेष शिविर आयोजित किए, जिनका उद्देश्य लोगों को प्राचीन पद्धतियों के माध्यम से स्वस्थ और संतुलित जीवन की ओर प्रेरित करना था।

योग और ध्यान: संपूर्ण स्वास्थ्य के दो मुख्य स्तंभ
इन शिविरों को ‘विलक्षण योग एवं ध्यान साधना शिविर’ इसलिए कहा जाता है क्योंकि — यहाँ योग की परिवर्तनकारी शक्ति को ध्यान की गहरी शांति के साथ जोड़ा जाता है| इन शिविरों ने रोज़मर्रा की ज़िंदगी की भागदौड़ में प्रतिभागियों को शांति का अनुभव कराया, साथ ही साथ यह एहसास कराया कि योग और ध्यान व्यस्त मन तथा थके हुए शरीर के लिए सचमुच वरदान साबित हो सकते हैं।

योगासन, प्राणायाम, मेडिटेशन और डीप रिलैक्सेशन के ज़रिए, प्रतिभागियों ने स्वाभाविक रूप से संतुलन, हल्कापन और नई ऊर्जा महसूस की, जबकि ध्यान साधना ने मानसिक उलझन को शांत करने और अंदर की स्पष्टता को जगाने में मदद की।
इन सत्रों ने यह संदेश दिया कि योग और ध्यान केवल कुछ चुनिंदा के लिए नहीं, बल्कि हर आयु वर्ग के लिए उपयोगी और सुलभ हैं। ये मन, शरीर और आत्मा के बीच सामंजस्य स्थापित करके संपूर्ण स्वास्थ्य की राह खोलते हैं।
इन शिविरों ने यह भी स्पष्ट किया कि योग केवल फिट रहने का साधन नहीं, बल्कि जीवनशैली से जुड़ी बीमारियों की रोकथाम, मानसिक स्पष्टता और स्थायी स्वास्थ्य के लिए एक सशक्त तरीका है। नियमित अभ्यास के ज़रिए यह साबित हुआ कि छोटी-छोटी सचेत आदतें अपनाकर ही सच्चा स्वास्थ्य प्राप्त किया जा सकता है।”
योग और ध्यान साधना शिविर में "स्वस्थस्य स्वास्थ्य रक्षणम" के शाश्वत सिद्धांत पर ध्यान केंद्रित किया गया - यानी जो लोग पहले से स्वस्थ हैं, उनके अच्छे स्वास्थ्य को बनाए रखना और उसकी रक्षा करना, ताकि पूरे जीवन संतुलन और जीवंतता बनी रहे। वहीं “आतुरस्य प्रशमनं च” के भाव से प्रेरित होकर, पीड़ा से ग्रस्त व्यक्तियों को कोमलता और संवेदनशीलता के साथ आरोग्य की ओर अग्रसर किया गया, पूर्ण स्वास्थ्य की पुनर्स्थापना करते हुए निरंतर अभ्यास और सजग देखभाल के माध्यम से दीर्घकालिक कल्याण की दिशा में व्यक्तियों का मार्गदर्शन किया गया।
डी.जे.जे.एस.आरोग्य लोगों के बीच स्वस्थ जीवनशैली और निवारक स्वास्थ्य देखभाल को बढ़ावा देने के लिए काम करती है। विलक्षण योग और ध्यान-साधना शिविरों ने लोगों को स्वास्थ्य के लिए प्रैक्टिकल तरीकों से सशक्त बनाया और तनाव से लड़ने और मानसिक स्पष्टता को बढ़ावा देने के लिए टेक्निक्स प्रदान कीं। कार्यक्रम में रीढ़ की हड्डी की देखभाल, सही श्वास-प्रक्रिया और स्थिर ध्यान अभ्यास पर खास जोर दिया गया।
विलक्षण योग शिविर की प्रमुख झलकियाँ
- बिहार (दरभंगा — लोरिक धाम) : यह शिविर 5 से 11 अक्टूबर 2025 के बीच आयोजित हुआ, जिसमें 500 से अधिक प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया।
- पंजाब (पठानकोट और अबोहर) : 8 से 26 अक्टूबर 2025 तक चले शिविर में लगभग 600 से अधिक लोगों ने भाग लिया।
- हरियाणा (साहूवाला आश्रम, सिरसा) : 30 नवंबर 2025 को आयोजित इस शिविर में 375 प्रतिभागी जुड़े।
- पंजाब (होशियारपुर और डी.एम.के आश्रम): नवंबर से दिसंबर 2025 के दौरान यहां आयोजित शिविरों में करीब 1,900 से अधिक लोगों ने हिस्सा लिया।
- पंजाब (तरनतारन और अबोहर) : 5 से 14 दिसंबर 2025 तक चले शिविर में 2,370 से अधिक प्रतिभागी शामिल हुए।
- जम्मू एवं कश्मीर (जम्मू): 25, 28 एवं 30 दिसंबर 2025 को आयोजित शिविरों में 777 से अधिक प्रतिभागियों की उपस्थिति रही।
विशिष्ट अतिथि: इन शिविरों में समाज के विभिन्न वर्गों से सहयोग और सहभागिता देखने को मिली। प्रमुख अतिथियों में श्री फ़कीर चंद गोयल (अध्यक्ष, गौशाला प्रबंध समिति), श्री राकेश कल्याणी (कैशियर, गौशाला प्रबंध समिति) तथा श्री राज नरूला (प्रेस रिपोर्टर, दैनिक जागरण) शामिल रहे।
सभी केंद्रों पर 6,500 से अधिक लोगों ने योग और ध्यान के लाभों का अनुभव किया। इससे यह स्पष्ट होता है कि डी.जे.जे.एस. एक स्वस्थ और आध्यात्मिक रूप से जागरूक समाज के निर्माण के प्रति और अधिक दृढ़ संकल्प के साथ कार्य कर रही है।
डी.जे.जे.एस. आरोग्य का उद्देश्य समग्र स्वास्थ्य को हर व्यक्ति तक पहुँचाना है, ताकि लोग आत्म-खोज और कल्याण की इस यात्रा को अपनाते हुए संतुलित जीवन की ओर बढ़ सकें। मिलकर हम न केवल जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रहे हैं, बल्कि सभी के लिए एक स्वस्थ, खुशहाल और सामंजस्यपूर्ण भविष्य का निर्माण भी कर रहे हैं।
