दिव्य ज्योति वेद मन्दिर द्वारा २२ जुलाई २०२३ को तीन रुद्री पाठ कक्षाओं का दीक्षान्त समारोह आयोजित किया गया। यह दीक्षान्त समारोह अनिवासी भारतीय विद्यार्थियों के लिए आयोजित किया गया जिसमें यूनाइटेड किंगडम, यूएसए, कनाडा, यू.ए.ई, सिंगापुर, स्पेन आदि देशों से छात्रों ने वर्चुअल रूप में भाग लिया।

इस दीक्षान्त समारोह का आरम्भ दिव्य ज्योति वेद मन्दिर के प्रतिनिधियों द्वारा किया गया जिसमें उन्होंने सभी को स्मरण करवाया की किस तरह कोरोना महामारी में कक्षाएँ आयोजित की गई व संस्कृत एवं IAST में उन्होंने संस्कृत के वेद मन्त्रों को सीखा। मेनचेस्टर, इंग्लैंड से आरती खेतरपाल ने दिव्य गुरु श्री आशुतोष महाराज जी के श्री चरणों में धन्यवाद देते हुए सभी के साथ अपने भाव साँझा किये और बताया कि वे पुरे सप्ताह रुद्री पाठ कक्षाओं की प्रतीक्षा करती थीं। इन्हीं कक्षाओं ने उनके भीतर सतत सकारात्मकता का प्रवाह किया। वेल्स, यूनाइटेड किंगडम से नीतू शर्मा ने भावुक होते हुए बताया की इन कक्षाओं के दौरान उन्हें व उनके पति को कोरोना हो गया था, ऐसे में वैदिक मन्त्रों ने ही उनके मन को ऊर्जा व धैर्य से स्पन्दित रखा। जिसके कारण वे इस महामारी से लड़ पाईं व वेद मन्त्रों का अभ्यास करती रहीं।
तदोपरान्त, साध्वी भक्तिप्रिया भारती, दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान यूनाइटेड किंगडम की शाखा प्रमुख, एवं गुरुभाई कबीर जी ने विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन करते हुए उन्हें वेद मन्त्रों का नियमित अभ्यास करने हेतु प्रेरित किया। तत्पश्चात, साध्वी दीपा भारती जी कार्यकरिणी अध्यक्षा, दिव्य ज्योति वेद मन्दिर ने सभी को संबोधित करते हुए बताया की वेद मन्त्रों का प्रभाव तभी संभव है जब एक वेद पाठी ब्रह्मनिष्ठ गुरु के सान्निध्य में, ब्रह्मज्ञान में दीक्षित होकर, निष्काम व निःस्वार्थ भाव से वेद मन्त्रों का उच्चारण करें । अन्त में आचार्यों द्वारा छात्रों को रुद्री पाठ कक्षाओं में उत्तीर्ण होने के ऑनलाइन प्रमाण पत्र वितरित किये गए। कार्यक्रम को अन्त की ओर लेजाते हुए, न्यू यॉर्क से साध्वी चन्द्रा भारती जी ने दिव्य गुरु श्री आशुतोष महाराज जी को इस वैदिक क्रान्ति हेतु नमन अर्पित किया। साध्वी जी ने दिव्य ज्योति वेद मन्दिर के कार्यकर्ताओं व विद्यार्थियों को वैदिक संस्कृति के पठन-पाठन व संवर्धन हेतु सतत कार्यरत रहने हेतु अभिप्रेरित किया।
