दो ऐतिहासिक विश्व रिकॉर्ड स्थापित करने के उपरान्त, दिव्य ज्योति वेद मन्दिर को पुनः तीसरी विश्व रिकॉर्डमान्यता प्राप्त हुई है। 26 फरवरी 2025 को, इंटरनेशनल बुक ऑफ रिकॉर्ड्स ने आधिकारिक रूप सेDJVM को इस अद्वितीय उपलब्धि के लिए सम्मानित किया।

यह सम्मान समारोह पंजाब के नूरमहल में आयोजित हुआ, जहां इंटरनेशनल बुक ऑफ रिकॉर्ड्स केआधिकारिक निर्णायक पंकज विज एवं प्रीति विज ने दिव्य ज्योति वेद मन्दिर के प्रतिनिधि मंडल, साध्वीदीपा भारती जी, साध्वी भक्तिप्रिया भारती जी, और सी.ए. गीताांजली जी सहित ब्रह्मज्ञानी वेद पाठीयों कोयह प्रतिष्ठित पुरस्कार प्रदान किया।
प्रयागराज कुम्भ 2025 में दिव्य ज्योति वेद मन्दिर ने दिव्य गुरु श्री आशुतोष महाराज जी के दिव्यमार्गदर्शन में विश्व का सबसे विशाल रुद्राष्टाध्यायी रिले-पाठ संपन्न कर एक विश्व कीर्तिमान स्थापितकिया। 14 जनवरी से 16 फरवरी 2025 तक, 33 दिवारात्रि, अखण्ड रुद्रीपाठ महा दिव्य अनुष्ठानम् कादिव्य निनाद गंगा तट पर अनवरत गूँजा जो अडिग श्रद्धा और समर्पण के साथ सम्पन्न हुआ। इस विश्व रिकॉर्डमें 5 देशों और 191 शहरों से आए 566 ब्रह्म ज्ञानी वेद पाठियों ने सम्मिलित होकर वैदिक मंत्रों की एकलयगूंज रची, जो अंततः 11,151 संहिता पाठ, 26,42,409 वैदिक मंत्र व 794 घंटों के रूप में अभूतपूर्वउपलब्धि तक पहुँची।

यह अनुष्ठान संयुक्त राष्ट्र सतत विकास लक्ष्यों (UNSDGs) एवं भारत सरकार के आयुष मंत्रालय केउद्देश्यों के साथ सम्बद्धता रखें हुए था। इस वृहद अनुष्ठान का एकमात्र उद्देश्य था पर्यावरण संरक्षण, सामाजिक समरसता, सद्भाव एवं विश्व शांति जिसे दिव्य गुरु श्री आशुतोष महाराज जी के ब्रह्मज्ञानीवेदपाठी शिष्यों ने कटिबद्धता, निःस्वार्थ भावना एवं सामूहिक प्रयास द्वारा सफ़लतापपूर्वक जीवंत कियाहै।
इस सम्मान के साथ, दिव्य ज्योति वेद मन्दिर अपने विश्व रिकॉर्ड प्रयास को सफलतापूर्वक पूर्ण कर, तीनप्रतिष्ठित विश्व रिकॉर्ड मान्यताएँ प्राप्त कर चुका है—एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स, इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्सऔर अब इंटरनेशनल बुक ऑफ रिकॉर्ड्स से। यह महत्वपूर्ण उपलब्धि दिव्य ज्योति वेद मन्दिर की वेदिकसंस्कृति के संरक्षण और वैश्विक स्तर पर उसके प्रचार-प्रसार के प्रति कटिबद्धता को और अधिक सशक्तकरती है।