आध्यात्मिकता के अनमोल पर्वों में गुरुपूर्णिमा को ‘पर्वों का मुकुटमणि’ कहा जाए तो भी कम होगा। दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान में यह पावन उत्सव प्रत्येक वर्ष ब्रह्मज्ञानी साधकों के उत्साह और श्रद्धा के साथ धूमधाम से मनाया जाता है।

इस वर्ष, संस्थान की सभी शाखाओं में आयोजित हुए गुरु पूर्णिमा महोत्सव की शुरुआत दिव्य ज्योति वेद मंदिर के ब्रह्मज्ञानी वेदपाठियों द्वारा शुक्ल यजुर्वेदीय रुद्राष्टाध्यायी के वैदिक मंत्रों के सामूहिक उच्चारण से हुई। मंत्रों की दिव्य ध्वनि से वातावरण आलोकित हो उठा।
इस शुभ अवसर पर ब्रह्मज्ञानी वेदपाठियों ने दिव्य गुरु श्री आशुतोष महाराज जी का विधिपूर्वक पूजन कर, अपनी कृतज्ञता का भाव प्रकट किया।

भारत ही नहीं, बल्कि विदेशों में भी आयोजित इन वैदिक गुरुपूर्णिमा कार्यक्रमों में, हज़ारों ब्रह्मज्ञानी वेदपाठी साधकों ने मंत्रोच्चारण कर स्तुति के माध्यम से लाखों श्रद्धालुओं के अंतःकरण में दिव्यता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार किया।