PEACE प्रोग्राम द्वारा प्रयागराज के महाकुंभ में 31 जनवरी 2025 को गीता उत्सव का भव्य आयोजन किया गया।दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान (DJJS) के भव्य शिविर में हुए इस उत्सव को PEACE की विजडम सीरीज, Gita-O-Logy, के अंतर्गत आयोजित किया गया। मुख्य अतिथि के रूप में अभिनेता और मॉडल श्री सौरभ राज जैन यहाँउपस्थित थे। उन्हें स्टार प्लस के महाभारत टीवी धारावाहिक में भगवान कृष्ण की भूमिका निभाने के लिए जाना जाताहै।

श्री सौरभ राज जैन को DJJS के ग्लोबल हेड एवं सेक्रेटरी स्वामी नरेंद्रानंद जी द्वारा प्रतीकात्मक थर्ड आई स्मृति चिन्हभेंट किया गया। उन्हें PEACE प्रोग्राम की प्रिंसिपल कोऑर्डिनेटर साध्वी तपेश्वरी भारती जी द्वारा DJJS साहित्यतथा PEACE प्रोग्राम की को-प्रिंसिपल कोऑर्डिनेटर साध्वी डॉ. निधि भारती जी द्वारा DJJS के अंतर्दृष्टि प्रोडक्ट्स(दृष्टिबाधित लाभार्थियों द्वारा निर्मित) भेंट किए गए।
पहला सत्र, गीता वर्सेस ज्ञान योग, भक्ति योग, बुद्धि योग पर कृष्णोबिक्स, PEACE प्रोग्राम की संचालिका साध्वीरुचिका भारती जी द्वारा संचालित किया गया। कृष्ण भक्तों ने नृत्य उत्सव में रिदमिक मूवमेंट्स के माध्यम से अपनेप्रेम और भक्ति का जश्न मनाया, साथ ही गीता के पाठों को आत्मसात किया।

साध्वी डॉ. निधि भारती जी ने इंटरेस्टिंग एक्टिविटीज की मदद से मन की मनोवैज्ञानिक बनावट पर एक दिलचस्प सत्रआयोजित किया। उन्होंने मानव मन की अतिभारित स्थिति और विचारों की तीव्रता को कम करने की सख्त जरूरत कोसमझाया, साथ ही गीता के जटिल एल्गोरिदम को भी समझाया। कुल मिलाकर, यह सत्र मन के विकास पर कामकरने पर केंद्रित था।
इसके बाद, कृष्णअर्जुन पॉडकास्ट का आयोजन किया गया, जिसमें साध्वी तपेश्वरी भारती जी और श्री सौरभ राज जैनने जीवन के सभी मोर्चों पर लोगों द्वारा सामना किए जाने वाले सामान्य मुद्दों को संबोधित किया। साध्वी जी नेज्ञानवर्धक गतिविधियों और प्रदर्शनों के माध्यम से भगवान कृष्ण की शिक्षाओं को वैज्ञानिक रूप से समझाया।
इसके बाद कृष्णोत्सव का आयोजन किया गया, जिसमें PEACE प्रोग्राम की संचालिका साध्वी मणिमाला भारतीजी की अध्यक्षता में एक जीवंत सत्र आयोजित किया गया। भक्तों ने श्री सौरभ राज जैन के साथ होली खेली औरDJJS के म्यूजिकल ट्रूप द्वारा प्रस्तुत आनंदमय कीर्तन के साथ वे कृष्ण भक्ति में डूब गए।
मीडिया को संबोधित करते हुए, श्री सौरभ राज जैन ने गीता उत्सव के रचनात्मक प्रारूप की सराहना की, जिसकाउद्देश्य आधुनिक संदर्भ में प्राचीन ज्ञान का प्रसार करना था।
यह भी उल्लेखनीय है कि इस कार्यक्रम में प्रयागराज के विश्वविद्यालयों और संस्थानों के साथ-साथ सिविल सर्विसेजके एस्पिरेंट्स और हज़ारों कृष्ण भक्तों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।