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माताओं की शाश्वत शक्ति तथा समाज में महिलाओं की परिवर्तनकारी भूमिका को समर्पित भावपूर्ण श्रद्धांजलि स्वरूप, दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान की महिला सशक्तिकरण एवं लैंगिक समानता प्रकल्प ‘संतुलन’ द्वारा 18 मई 2025 को राजस्थान के डूंगरपुर स्थित विजयाराजे ऑडिटोरियम में अंतर्राष्ट्रीय मातृ दिवस के उपलक्ष्य में एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

Matri Shakti Tubhyam Namah: DJJS Santulan Celebrates the Spirit of Motherhood and Women-Led Nation Building

डी.जे.जे.एस. संतुलन के वार्षिक मासिक अभियान “मातृ शक्ति तुभ्यम नमः” के अंतर्गत आयोजित इस कार्यक्रम में माताओं, युवाओं तथा विभिन्न व्यावसायिक क्षेत्रों से जुड़े लोगों ने सहभागिता की। कार्यक्रम ने मातृत्व, महिला सशक्तिकरण, लैंगिक संवेदनशीलता तथा मूल्य आधारित सामाजिक परिवर्तन जैसे विषयों पर एक विचारोत्तेजक संवाद को जन्म दिया।

कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ, जिसमें स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग, डूंगरपुर राजकीय चिकित्सालय की विभागाध्यक्ष डॉ. मोनिका परमार; सहायक प्राध्यापक, राजकीय मेडिकल कॉलेज डॉ. अदिति गोठी; दुर्गा वाहिनी (आर.एस.एस.) की अध्यक्षा सुश्री निधि शर्मा; शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. निलेश गोठी; विश्व हिंदू परिषद के अध्यक्ष श्री प्रकाश भट्ट तथा मातृ शक्ति समूह से सुश्री अंशुमाला पंचाल सहित अनेक गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।

Matri Shakti Tubhyam Namah: DJJS Santulan Celebrates the Spirit of Motherhood and Women-Led Nation Building

इंटरैक्टिव गतिविधियों, कलात्मक प्रस्तुतियों, परिचर्चाओं और चिंतनशील संवादों के माध्यम से कार्यक्रम में माताओं के उस अदृश्य और अक्सर अनदेखे श्रम को रेखांकित किया गया, जिसे समाज सामान्यतः स्वाभाविक मानकर उपेक्षित कर देता है। साथ ही, माताओं द्वारा प्रतिदिन झेले जाने वाले भावनात्मक एवं व्यावसायिक दबावों तथा सहयोगी, संवेदनशील और समतामूलक पारिवारिक वातावरण की आवश्यकता पर भी सार्थक चर्चा हुई। राजमाता जीजाबाई, रानी मदालसा एवं सुनीति जैसी विभूतियों के जीवन प्रसंगों को उदाहरण स्वरूप प्रस्तुत किया गया, जिन्होंने आदर्श मातृत्व के माध्यम से दूरदर्शी व्यक्तित्वों का निर्माण किया, धर्म की स्थापना की तथा पीढ़ियों के नैतिक मूल्यों को दिशा प्रदान की।

संतुलन की मौलिक गीतात्मक प्रस्तुति “हे नारी, तू अब माँ बन, रमणा नहीं” ने समकालीन माताओं के लिए एक प्रभावशाली संदेश को अभिव्यक्त किया। इस प्रस्तुति ने महिलाओं को सीमित सामाजिक धारणाओं से ऊपर उठकर स्वयं को मूल्यों, संस्कृति और भावी पीढ़ियों के निर्माण की सशक्त वाहक के रूप में पहचानने के लिए प्रेरित किया।

सभा को संबोधित करते हुए दिव्य गुरु श्री आशुतोष महाराज जी की शिष्या साध्वी चिन्मया भारती जी ने कहा कि वास्तविक महिला सशक्तिकरण केवल आर्थिक सहभागिता या सामाजिक पहचान तक सीमित नहीं है, बल्कि उसमें आध्यात्मिक जागरण, भावनात्मक दृढ़ता और आंतरिक रूपांतरण भी आवश्यक है। उन्होंने दिव्य गुरु श्री आशुतोष महाराज जी के दृष्टिकोण को साझा करते हुए कहा कि ब्रह्मज्ञान अर्थात आत्मसाक्षात्कार के शाश्वत विज्ञान के माध्यम से महिलायें अपनी आंतरिक शक्तियों को जागृत कर परिवार, समाज और राष्ट्र में सकारात्मक परिवर्तन की प्रेरक बन सकती हैं।

डी.जे.जे.एस. संतुलन की वैश्विक प्रमुख एवं हिंदी तथा अंग्रेज़ी दोनों भाषाओं में राम कथा की विश्वप्रसिद्ध वक्ता साध्वी दीपिका भारती जी के नेतृत्व में यह प्रकल्प जमीनी स्तर पर महिलाओं के समग्र विकास हेतु सामुदायिक जागरूकता अभियानों के माध्यम से निरंतर कार्य कर रही है।

दिव्य गुरु श्री आशुतोष महाराज जी की दिव्य प्रेरणा से प्रेरित दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान शिक्षा, लैंगिक समानता, पर्यावरण संरक्षण, स्वास्थ्य जागरूकता, आपदा राहत, नशा उन्मूलन तथा बंदी सुधार जैसे बहुआयामी सामाजिक अभियानों के माध्यम से विश्व शांति, समानता और भाईचारे की स्थापना के अपने मिशन को निरंतर आगे बढ़ा रहा है।

संतुलन अपने डिजिटल माध्यमों के जरिए वैश्विक स्तर पर जागरूकता को भी प्रभावी कर रहा है। इस अभियान से जुड़ने के लिए इंस्टाग्राम, फेसबुक और एक्स पर @DJJSSantulan को फॉलो करें और नवीनतम जानकारी प्राप्त करें।

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