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दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान का समग्र शिक्षा प्रकल्प मंथन- संपूर्ण विकास केंद्र द्वारा मंथन फॉर मेंटर्स के अंतर्गत एक विशिष्ट थिएटर-आधारित कार्यशाला का आयोजन 8 फ़रवरी 2026 को महमाया बालिका इंटर कॉलेज, सेक्टर–44, नोएडा के सभागार में किया गया। अपराह्न 3 बजे से आरंभ हुए इस कार्यक्रम का उद्देश्य अभिभावकों को आत्मचिंतन के लिए प्रेरित करना, बच्चों से उनके भावनात्मक जुड़ाव को सशक्त करना तथा बदलते सामाजिक परिदृश्य में अभिभावकत्व को नए दृष्टिकोण से पुनः परिभाषित करना रहा।

Re-crafting Parenting through Manthan for Mentors- The Parent Puppet Show | DJJS Manthan SVK | February 2026

कार्यक्रम का आरम्भ एक आनंदपूर्ण एवं सहभागितापूर्ण सत्र से हुआ, जिसमें अभिभावकों को उनके बचपन की स्मृतियों से जोड़ते हुए पारंपरिक खेलों का अनुभव कराया गया। साधारण घरेलू वस्तुओं के माध्यम से खेले गए इन खेलों ने यह संदेश स्पष्ट किया कि बच्चों के साथ सार्थक समय बिताने के लिए न तो आधुनिक उपकरणों की आवश्यकता है और न ही महंगे साधनों की अपितु समय, उपस्थिति और कल्पनाशीलता ही सच्चे संबंधों की आधारशिला है।

इसके पश्चात मंच का वातावरण आत्ममंथन की ओर उन्मुख हुआ, जब एक प्रभावशाली वीडियो प्रस्तुति के माध्यम से बच्चों के जीवन में मोबाइल फोन के अत्यधिक प्रभाव को रेखांकित किया गया। वीडियो में यह गहन प्रतीकात्मक संकेत उभरा कि भले ही सोशल मीडिया रील्स में बच्चे चेहरे के रूप में दिखाई देते हों, किंतु उनकी दिशा, संवाद, परिधान, सह-कलाकार और मूल्यों की पटकथा प्रायः अनजाने में अभिभावक ही लिखते हैं। यह प्रस्तुति डिजिटल युग में अभिभावकों की सजग भूमिका की अनिवार्यता को गहराई से उजागर करती प्रतीत हुई।

Re-crafting Parenting through Manthan for Mentors- The Parent Puppet Show | DJJS Manthan SVK | February 2026

इसके उपरांत प्रस्तुत नाट्य-अभिनय ने अधिकांश अभिभावकों को भावनात्मक रूप से झकझोर दिया। नाटक में आधुनिक अभिभावकत्व की उन प्रवृत्तियों को दर्शाया गया, जहाँ सुविधा और अतिसंरक्षण के नाम पर बच्चों के स्वाभाविक विकास व भावना को अनजाने में सीमित कर दिया जाता है। नाट्य मंचन की प्रभावशाली प्रस्तुति पर सभागार करतल ध्वनि से गूंज उठा।

नाट्य प्रस्तुति का सार साध्वी दीपा भारती जी, वैश्विक कार्यकारिणी अध्यक्षा, के विचारोत्तेजक सत्र में सजीव रूप में प्रकट हुआ। सत्र के समय साध्वी जी ने अभिभावकों के समक्ष आत्मविश्लेषणात्मक प्रश्नों की एक शृंखला रखी। प्रत्येक प्रश्न पर, जो अभिभावक उस सत्य से स्वयं को जुड़ा अनुभव करते थे, उन्होंने ‘पपेट मास्क’ पहन लिया। धीरे-धीरे पूरा सभागार पपेट मास्क से भर गया। यह दृश्य एक सशक्त प्रतीक बनकर उभरा, जिसने अभिभावकों को अपने अनजाने व्यवहार-पैटर्न पर गंभीरता से सोचने के लिए विवश कर दिया।

साध्वी दीपा भारती जी ने दैनिक जीवन के सरल उदाहरणों और शास्त्रों की कालातीत शिक्षाओं के माध्यम से आज के अभिभावकत्व की जटिलताओं को स्पष्ट किया। सत्र का समापन प्राचीन पुराणों से प्रेरित एक संगीतमय संदर्भ के साथ हुआ, जिसमें यह दर्शाया गया कि माता-पिता के शब्द, भाव और दृष्टि किस प्रकार बच्चे के सम्पूर्ण व्यक्तित्व को गढ़ सकते हैं और उसे मानवता की सेवा के पथ पर अग्रसर कर सकते हैं। यह सत्र अभिभावकों के लिए भावनाओं का संगम बन गया- कुछ अभिभावक उत्साहित थे, कुछ गहन आत्मचिंतन में डूबे, अनेक भावुक हो उठे और कई मन ही मन अपने अभिभावकत्व में सार्थक परिवर्तन का संकल्प लेकर लौटे।

कार्यक्रम को स्वामी नरेंद्रानंद जी, सचिव, दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान, के प्रेरणादायी संबोधन से विशेष बल मिला। उन्होंने सजग एवं मूल्य-आधारित अभिभावकत्व को संतुलित समाज की आधारशिला बताते हुए अभिभावकों को अपनी भूमिका को और अधिक सचेत रूप में निभाने का आह्वान किया। कार्यक्रम में साध्वी नीमा भारती जी, संयोजिका, नोएडा शाखा तथा साध्वी श्रीपदा भारती जी, संयोजिका, नेहरू प्लेस शाखा का भी महत्वपूर्ण सहयोग रहा।

इस अवसर पर अनेक गणमान्य अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति रही, जिनमें डॉ. महेश शर्मा, सांसद, गौतम बुद्ध नगर; श्री अभिषेक शर्मा, जिला अध्यक्ष, गौतम बुद्ध नगर; श्री महेश चौहान, अध्यक्ष, नोएडा महानगर; श्री मनोज गुप्ता, पूर्व जिला अध्यक्ष, नोएडा महानगर; श्री विकास जैन, प्रदेश अध्यक्ष, युवा व्यापार मंडल, उत्तर प्रदेश; श्री नवनीत गुप्ता, चेयरमैन, युवा व्यापार मंडल, उत्तर प्रदेश; श्री राकेश प्रताप सिंह, ACP, नोएडा; श्री योगेंद्र शर्मा, अध्यक्ष, फेडरेशन ऑफ नोएडा RWA; श्री गजानन माली, संस्थापक, 10 न्यूज़; तथा श्री चिरंजीव, विभाग प्रचारक, RSS, गौतम बुद्ध नगर शामिल रहे।

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