संस्कारशाला- एक मासिक कार्यशाला है जो दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान के समग्र शिक्षा कार्यक्रम मंथन-सम्पूर्ण विकास केन्द्र द्वारा 4 से 12 वर्ष की आयु के बच्चों के लिए आयोजित की जाती है।

संरक्षण- दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान का प्रकृति संरक्षण कार्यक्रम है। ‘संरक्षण संस्कारशाला’ ने बच्चों को प्रकृति के प्रति अपनी दायित्वों को समझने और उस पर चिंतन करने के लिए प्रेरित किया।
अप्रैल माह में लगभग 90 ‘संरक्षण संस्कारशालाएँ’ संचालित की गईं, जिसमें देशभर से लगभग 3000 बच्चों को लाभ हुआ। ऑनलाइन-ऑफलाइन एवं दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान के देशभर में स्थित केन्द्रों में एवं निम्नलिखित विद्यालयों में भी ‘संरक्षण संस्कारशालाएँ’ आयोजित की गई।

1. नई दिल्ली
· रविशंकर सर्वोदय कन्या विद्यालय, बवाना
· सरकारी सह-शिक्षा मिडिल स्कूल, पंजाब खोर
· सर्वोदय कन्या विद्यालय,कुतुबगढ़
· सर्वोदय कन्या विद्यालय, कंझावला
2. उत्तर प्रदेश
· कानपुर में प्राथमिक विद्यालय, बैजूपुर
3. कर्नाटक
· गवर्नमेंट हायर सेकेंडरी स्कूल, मराठाहल्ली, बेंगलुरु
4. राजस्थान
· जयपुर में राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय,सांगानेर
उपरोक्त सभी कार्यशालाओं के साथ-साथ इन कार्यशालाओं को ऑनलाइन और ऑफलाइन मोड के माध्यम से भी व्यवस्थित किया गया था। सभी कार्यशालाएँ दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान के प्रचारकों एवं मंथन-सम्पूर्ण विकास केन्द्र के कार्यकर्ताओं द्वारा संचालित की गईं। कार्यशाला का आरंभ प्रार्थना के साथ हुआ। प्रेरणादायक विडियो के माध्यम से बच्चों को अनूठी कृषि तकनीकों और बिजली संरक्षण के बारे में विस्तार से समझाया गया। बच्चों को शून्य-अपशिष्ट जीवन शैली को अपनाने की तकनीकों को सिखाया गया। अंत में, बच्चों ने पुरानी वस्तुओं को पुनः प्रयोग करके नई वस्तुएँ भी बनाना सीखा एवं प्रकृति संरक्षण के महत्त्व को जाना।
