बिहार सरकार की प्रतिष्ठित पहल ‘सरस मेला’ के अंतर्गत दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान (डीजेजेएस) के नशा उन्मूलन कार्यक्रम ‘बोध’ तथा युवा परिवार सेवा समिति (वाईपीएसएस) को ‘संकल्प अभियान’—एक नशा-उन्मूलन जागरूकता अभियान—के अंतर्गत प्रस्तुति हेतु आमंत्रित किया गया।

21 दिसंबर 2025 को गांधी मैदान, पटना स्थित सरस मेला में आयोजित इस कार्यक्रम के माध्यम से यह सशक्त संदेश दिया गया कि नशा व्यक्ति को उसके आंतरिक संतुलन, सही सोच, पारिवारिक कर्तव्यों तथा समाज से दूर कर देता है।
यह प्रभावशाली कार्यक्रम बिहार सरकार तथा बिहार ग्रामीण आजीविका संवर्धन सोसाइटी (जीविका – JEEViKA) के सहयोग से आयोजित किया गया, जिसका उद्देश्य डिजिटल निर्भरता से लेकर नशीले पदार्थों के सेवन तक—सभी प्रकार की लतों के प्रति जागरूकता फैलाना था।
इस कार्यक्रम को 4,000 से अधिक लाभार्थियों—जिनमें युवा, महिलाएँ, बच्चे एवं आमजन शामिल थे—की सहभागिता प्राप्त हुई, जो इस प्रकार की जागरूकता-आधारित पहलों की बढ़ती आवश्यकता को दर्शाती है।
इस पहल की प्रमुख विशेषता इसका एकीकृत एवं अनुभव-आधारित दृष्टिकोण रहा। व्याख्यानों, नुक्कड़ नाटकों (स्किट्स) तथा सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से नशे से जुड़े जटिल विषयों को सरल एवं भावनात्मक रूप से प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया गया।
स्वामी विवेकानंद के जीवन एवं शिक्षाओं से प्रेरित एक विशेष नाट्य प्रस्तुति में आत्मसंयम, आंतरिक शक्ति एवं उद्देश्यपूर्ण जीवन के संदेश को प्रस्तुत किया गया, जिसने विशेष रूप से युवाओं को गहराई से प्रभावित किया। इसके साथ ही डिजिटल लत पर केंद्रित नाट्य प्रस्तुति में मोबाइल फोन के अत्यधिक उपयोग, सोशल मीडिया पर निर्भरता तथा ऑनलाइन गेमिंग के जोखिमों को उजागर किया गया, जिससे दर्शकों को अपनी डिजिटल आदतों पर विचार करने की प्रेरणा मिली।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि रहे श्री विनय कुमार, आईपीएस, पुलिस महानिदेशक (DGP), बिहार। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि नशा केवल एक व्यक्तिगत समस्या नहीं, बल्कि एक गंभीर सामाजिक चुनौती है, जो परिवारों और समुदायों को प्रभावित करती है। उन्होंने DJJS बोध एवं YPSS द्वारा जमीनी स्तर पर किए जा रहे जागरूकता प्रयासों की सराहना करते हुए, प्रशासनिक उपायों के साथ-साथ रोकथाम आधारित जागरूकता के महत्व पर भी जोर दिया।
डीजेजेएस बोध एवं वाईपीएसएस के संयुक्त प्रयासों ने यह स्पष्ट रूप से दर्शाया कि आध्यात्मिक मार्गदर्शन, युवा सशक्तिकरण और संस्थागत सहयोग मिलकर किस प्रकार सार्थक सामाजिक परिवर्तन ला सकते हैं। यह पहल डीजेजेएस के राष्ट्रव्यापी आंदोलन “संकल्प – नशा-मुक्त भारत (2025–2029)” के अनुरूप है, जिसका उद्देश्य सतत जागरूकता, शिक्षा एवं सामुदायिक सहभागिता के माध्यम से सभी प्रकार की लतों का समाधान करना है।
कार्यक्रम में जीविका (JEEViKA) सहित अन्य सामाजिक हितधारकों की उपस्थिति ने इस सहयोगात्मक प्रयास को और सुदृढ़ किया। इस पहल को स्थानीय एवं क्षेत्रीय मीडिया में उल्लेखनीय कवरेज प्राप्त हुआ, जिससे नशा-मुक्त, सजग एवं डिजिटल संतुलन से युक्त समाज का संदेश कार्यक्रम स्थल से कहीं आगे तक पहुँचा।
आइए, ‘संकल्प’ के साथ मिलकर नशा-मुक्त बिहार के निर्माण की दिशा में आगे बढ़ें।‘संकल्प’, दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान (डीजेजेएस) के नशा-उन्मूलन कार्यक्रम ‘बोध’ की एक संयुक्त पहल है, जो 350 से अधिक शाखाओं के माध्यम से पैन-इंडिया स्तर पर कार्यरत है।
