पंजाब के मोगा में कृष्ण कथा ने फैलाया दिव्यता का संदेश

SEE MORE PHOTOS
DJJS News

Read in English

भगवान कृष्ण ऐसे दिव्य प्रेम और परम आनंद का अवतार हैं, जो सभी पाप और पीड़ाओं को नष्ट कर देता है। श्री कृष्ण ज्ञान के सभी रूपों के प्रसारक हैं जिन्होनें शाश्वत प्रेम के धर्म को स्थापित करने के लिए ही अवतार धारण किया। गैर-सरकारी, गैर-लाभकारी और एक अग्रणी आध्यात्मिक संगठन के तौर पर दिव्य ज्योति जागृति संस्थान की स्थापना श्री आशुतोष महाराज जी द्वारा की गई है। संस्थान ने 23 मई से 27 मई 2018 तक मोगा, पंजाब में पांच दिवसीय श्री कृष्ण कथा का कार्यक्रम आयोजित किया। भगवान श्री कृष्ण के चरणों में प्रार्थना के साथ कार्यक्रम शुरू हुआ जिसके बाद संस्थान के प्रचारक संगीतज्ञ शिष्यों द्वारा सुन्दर भजन प्रस्तुति ने विशाल सभा के हृदयों को प्रभु स्मरण से जोड़ा। 

वक्ता के रूप में, श्री आशुतोष महाराज जी की शिष्या साध्वी सुमेधा भारती जी ने वर्तमान युग में दिव्यता के महत्व पर बल दिया। उन्होंने कहा कि भगवान कृष्ण की उपस्थिति भौतिक सीमाओं से कहीं अधिक है। भगवान कृष्ण ने लोगों के दिलों में शासन किया। वह उस युग के पूर्ण सतगुरु थे, जिन्होनें स्वयं के भीतर भगवान के दिव्य साक्षत्कार के परम ज्ञान ‘ब्रह्मज्ञान’ को प्रदान किया।

इस प्रकार, सतगुरु द्वारा आध्यात्मिक जिज्ञासु के तीसरे नेत्र को जागृत करने की दिव्य विधि ‘ब्रह्मज्ञान’ के महत्व को उजागर किया गया| साध्वी जी ने ब्रह्म ज्ञान की गूढ़ता को समझाते हुए बताया कि यह एक ऐसी दिव्य तकनीक है जिसके माध्यम से पूरे विश्व को एकजुट किया जा सकता है क्योंकि इसके द्वारा सभी व्यक्तियों को उनके एकमात्र स्रोत ‘ईश्वर’ का प्रत्यक्ष साक्षात्कार होता है। इस समय के पूर्ण गुरु श्री आशुतोष महाराज जी आज इसी सनातन आध्यात्मिक तकनीक को जन-जन को प्रदान कर रहे हैं। 

साध्वी जी ने कहा कि मानव जीवन की अनिश्चित प्रकृति को जानते हुए, हर मनुष्य को जल्दी ही  आध्यात्मिक यात्रा शुरू करने की आवश्यकता है। सच्चे आध्यात्मिक गुरु की खोज के साथ ही ये आध्यात्मिक अनुसंधान शुरू होना चाहिए। इस संबंध में, दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान के द्वार जीवन के सभी आयु वर्ग के आध्यात्मिक जिज्ञासुओं के लिए खुले हैं। समकालीन युग के सच्चे आध्यात्मिक गुरु, यानी परम पूज्य श्री आशुतोष महाराज जी से ब्रह्मज्ञान की दिव्य तकनीक को प्राप्त करने के लिए हर कोई सादर आमंत्रित है।

महत्वपूर्ण कथा उपाख्यानों और दिव्य भक्तिमय संगीत ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। भक्त संगीतकारों ने अपने दिव्य संगीत के माध्यम से दर्शकों का विशेष ध्यान खींचा। प्रत्येक गुजरते दिन के साथ श्रोताओं की संख्या में वृद्धि हुई, इस प्रकार कार्यक्रम को एक बड़ी सफलता मिली।

Subscribe below to receive our News & Events each month in your inbox

Related News: