“आध्यात्मिकता वह लहर है जो इसके किनारे पर खड़े किसी को नहीं छोड़ती है।“
सर्व श्री आशुतोष महाराज जी का कथन है कि हर मानव को पूर्ण सतगुरु द्वारा शाश्वत ज्ञान ब्रह्मज्ञान को पाने का अधिकार है। 7 अगस्त 2018 से 11 अगस्त 2018 तक 5 दिवसीय श्रीकृष्ण कथा के माध्यम से हरियाणा के बबेन में इस ज्ञान अमृत को प्रदान किया गया। कथाव्यास साध्वी सौम्या भारती जी ने अपने सरस व ज्ञानवर्धक भक्ति से ओतप्रोत विचारों को कार्यक्रम के माध्यम से भक्तों के सम्मुख रखा।
कथा का आरम्भ मंगल कलश यात्रा से हुआ जिसमे अनेक सौभाग्यशाली महिलाओं ने अपने सिर पर कलश धारण कर इसमें भाग लिया। इस मंगल कलश यात्रा ने क्षेत्र निवासियों को कथा में शामिल होने के लिए निमंत्रित भी किया। प्रत्येक दिन कथा का आरम्भ भगवान श्री कृष्ण के श्री चरणों में प्रार्थना से हुआ। सभी उपस्थित लोगों ने प्रार्थनाओं में उत्साह से भाग लिया। साध्वी जी ने भगवान कृष्ण के बचपन के उपाख्यानों के साथ कथा शुरू की। साध्वी सौम्या भारती जी ने गोपी भक्ति के विषय में चर्चा की। उन्होंने उद्धव जी की ब्रज यात्रा का उल्लेख करते हुए बताया कि जब भगवान कृष्ण मथुरा गए तो उन्होंने उद्धव जी को ब्रज में गोपियों से भेंट करने के लिए भेजा। जब उद्धव जी ब्रज पहुंचे तो वहां गोपियों की दशा देख उन्होंने समझ लिया कि भगवान कृष्ण ने उन्हें यहाँ सांत्वना देने के लिए भेजा है। परन्तु गोपियों के ज्ञान व प्रेमाभक्ति से उद्धव जी इतने प्रभावित हुए कि वह भी भगवान कृष्ण के भक्त बन गए। साध्वी जी ने लोगों को ब्रह्मज्ञान की उपयोगिता व अनिवार्यता पर विचार प्रदान किए। उन्होंने बताया कि ब्रह्मज्ञान ही वह माध्यम है जिसके द्वारा हम भगवान से ऐसा सम्बन्ध स्थापित कर सकते है जैसा गोपियों ने श्री कृष्ण से किया था।
साध्वी जी व संत समाज द्वारा सुंदर भजनों व प्रेरणादायक विचारों ने भक्तों को ऐसा प्रभावित किया की प्रत्येक गुजरते दिन के साथ उपस्थित लोगों की संख्या में वृद्धि होती गई। कथा का समापन हवन के साथ हुआ जिसमें बड़ी संख्या में लोगों की उपस्थिति ने कार्यक्रम की सफलता को दर्शाया।
