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दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान (डीजेजेएस) द्वारा दिव्य गुरु श्री आशुतोष महाराज जी (संस्थापक एवं संचालक, डीजेजेएस) की पावन कृपा से 23 से 29 नवंबर 2025 तक चंडीगढ़, यूटी में सात दिवसीय श्री राम कथा का भव्य आयोजन किया गया। इस आयोजन में हज़ारों श्रद्धालुओं ने भाग लिया, जिन्होंने प्रभु श्री राम की दिव्य गाथा को श्रवण कर बहुत सी मार्मिक प्रेरणाओं को प्राप्त किया। भक्ति-रस से परिपूर्ण भजन एवं दिव्य संगीतमय प्रस्तुतियाँ पूरे वातावरण को आध्यात्मिक ऊर्जा से स्पंदित कर रहीं थीं, जिससे उपस्थित जनसमूह पूरी तरह से कथा के गूढ़ संदेशों में डूब गया।

Shri Ram Katha at Chandigarh, UT inspired people to connect with the eternal & scientific technique of Brahm Gyan

साध्वी श्रेया भारती जी (दिव्य गुरु श्री आशुतोष महाराज जी की शिष्या) ने इस कथा का अत्यंत भावपूर्ण एवं सरस वर्णन किया, जिसमें उन्होंने आधुनिक युग में भी इसकी प्रासंगिकता को उजागर किया। उन्होंने बताया कि प्रभु श्री राम केवल एक आदर्श पुत्र, भ्राता, पति, पिता, योद्धा और राजा ही नहीं, बल्कि वे मर्यादा और धर्म के जीवंत प्रतीक भी हैं। अयोध्या के राजकुमार होते हुए भी श्री राम राजसी जीवन की सुख-सुविधाओं और भौतिक आकर्षणों से अप्रभावित रहे। उन्होंने सादगी और वैराग्य का वरण करते हुए, अपने भ्राता लक्ष्मण और पत्नी सीता सहित स्वेच्छा से वनवास को स्वीकार किया। वन जीवन की कठिनाइयाँ भी उन्हें न तो पिता के वचन को निभाने से रोक सकीं और न ही धर्म की स्थापना हेतु उन राक्षसों के विनाश के संकल्प से, जो धर्म के मार्ग में बाधा बन रहे थे। उनके नेतृत्व में वानर सेना को शक्ति और संगठन मिला, और सामूहिक प्रयासों से विजय प्राप्त कर रावण का अंत किया गया। श्री राम का जीवन त्याग का अद्भुत उदाहरण है, जिसमें उन्होंने न केवल अपने राज्य बल्कि संपूर्ण विश्व की शांति और कल्याण हेतु अपनी व्यक्तिगत इच्छाओं और सुख-सुविधाओं का परित्याग कर दिया।

श्री राम की शिक्षाएं आज भी उतनी ही प्रासंगिक हैं जितनी उस समय थीं। वे जीवन के हर क्षेत्र के लोगों के लिए प्रेरणा के स्रोत हैं। उनके जीवन की जो सबसे विशेष बात उल्लेखनीय है, वह है धर्म का मूल सिद्धांत, जो उनके हर कार्य का मार्गदर्शक रहा। हमारे शास्त्रों और महान संतों की शिक्षाओं के अनुसार, धर्म वह आध्यात्मिक यात्रा है जो हमें हमारे भीतर स्थित दिव्यता की खोज की ओर ले जाती है।

Shri Ram Katha at Chandigarh, UT inspired people to connect with the eternal & scientific technique of Brahm Gyan

एक सच्चे आध्यात्मिक गुरु के मार्गदर्शन में चलकर, यह आत्मबोध की यात्रा आरंभ की जा सकती है। इस मार्ग पर चलने हेतु ब्रह्मज्ञान की वैज्ञानिक पद्धति एक रूपांतरणकारी साधन के रूप में कार्य करती है। ब्रह्मज्ञान पर आधारित ध्यान से मन शांत होता है, विचार स्पष्ट होते हैं, क्रोध में कमी आती है, और व्यक्ति के विचारों व कर्मों में संतुलन आता है। ये गुण सांसारिक सफलता और आध्यात्मिक सिद्धि दोनों को प्राप्त करने में सहायक हैं।

समय के पूर्ण सतगुरु की दिव्य कृपा से ब्रह्मज्ञान की दीक्षा लेकर यह आंतरिक यात्रा आरंभ की जा सकती है। आज दिव्य गुरु श्री आशुतोष महाराज जी की कृपा से असंख्य साधक ब्रह्मज्ञान की दीक्षा प्राप्त कर इस मार्ग पर चलकर, अपने जीवन में वास्तविक शांति एवं आनंद का अनुभव कर रहे हैं।

श्री राम कथा का कार्यक्रम पूर्णतः सफल रहा, जिसमें उपस्थित श्रद्धालुओं ने इस भावनात्मक व आध्यात्मिक आयोजन के लिए डीजेजेएस के प्रयासों की सराहना की। अनेक श्रद्धालुओं ने ब्रह्मज्ञान की दीक्षा लेने और भविष्य में डीजेजेएस के सामाजिक एवं आध्यात्मिक कार्यक्रमों से जुड़ने की गहरी रुचि प्रकट की।

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