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दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान (डीजेजेएस) ने गुरुदेव श्री आशुतोष महाराज जी की कृपा से 22 से 28 मार्च 2026 तक श्री गंगानगर, राजस्थान में सात दिवसीय श्री राम कथा का आयोजन किया। इस कथा का उद्देश्य भगवान श्री राम के प्रत्यक्ष अनुभव के माध्यम से आध्यात्मिकता की एक नई चेतना को जागृत करना था। इस आयोजन का शुभारंभ भगवान श्री राम के चरणों में सभी की सुख, शांति और सफलता के लिए प्रार्थना के साथ हुआ।

Shri Ram Katha illuminating Spiritual Secrets & Inspiring Devotion in Sri Ganganagar, Rajasthan

कथा व्यास साध्वी श्रेया भारती जी ने नीतिपरायण भगवान श्री राम के इस धरती पर अवतरण के दिव्य उद्देश्य को अत्यंत सरल व प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया। उन्होंने शास्त्रों के गूढ़ संदेशों को वर्तमान समय की आधुनिक पीढ़ी से जोड़ते हुए आध्यात्मिकता की सार्थकता को स्पष्ट किया। साध्वी जी ने आम जीवन से जुड़े महत्वपूर्ण प्रश्नों के उत्तर दिए, जैसे श्री राम को हम अपने दैनिक जीवन में कैसे आत्मसात कर सकते हैं? आध्यात्मिक शिक्षा का उपयोग कॉर्पोरेट जगत में कैसे किया जा सकता है? आध्यात्मिकता व्यक्ति को जीवन के उच्चतम लक्ष्य को प्राप्त करने में कैसे सक्षम बनाती है? साध्वी जी ने कथा के संदेशों को सरल भाषा में समझाया और इसे आधुनिक जीवनशैली व सोच से जोड़ा।

साध्वी जी ने सभी के कल्याण और आत्मिक उत्थान लिए अमोघ समाधान और सर्वोच्च शाश्वत विधि प्रस्तुत करते हुए दर्शकों के समक्ष 'दिव्य ज्ञान' का रहस्य उजागर किया। दिव्य ज्ञान (ब्रह्मज्ञान) ईश्वर को भीतर देखने का ज्ञान है, भृकुटी के मध्य में स्थित तीसरे नेत्र (आज्ञा चक्र) को सक्रिय करने की प्रक्रिया है। यही आत्मबोध का प्रारंभ है और अनंत संभावनाओं की ओर पहला कदम, जो अंततः एक शिष्य को आध्यात्मिक शिखर - मोक्ष तक ले जाता है। यह दिव्य ज्ञान केवल समय के पूर्ण आध्यात्मिक गुरु की कृपा से ही प्राप्त किया जा सकता है।

Shri Ram Katha illuminating Spiritual Secrets & Inspiring Devotion in Sri Ganganagar, Rajasthan

आज गुरुदेव श्री आशुतोष महाराज जी लाखों लोगों को अपनी दिव्यता और आशीर्वाद से सराबोर कर रहे हैं। वे अपने दिव्य स्पर्श से शिष्यों के आज्ञा चक्र को सक्रिय करते हैं, जिससे वे अपने भीतर भगवान के दिव्य स्वरूप का दर्शन करते हैं। इसी केंद्र बिंदु (आज्ञा चक्र) पर ध्यान साधना करने से शिष्य के भीतर दिव्य परिवर्तन होने लगते हैं।

भक्ति संगीत और गूढ़ आध्यात्मिक प्रवचनों ने भक्तों को सच्चे आध्यात्मिक मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित किया, जहां वे पहले ईश्वर को देख सकें और फिर जीवन भर भगवान श्री राम से भक्तिपूर्ण संबंध स्थापित कर सकें। तभी वे हनुमान जी, भरत जी, माता शबरी जी जैसे महान भक्तों की भक्ति, धैर्य और समर्पण को प्राप्त कर सकते हैं।

यह कथा डीजेजेएस की सामाजिक पहल ‘मंथन’ को समर्पित थी, जो वंचित एवं कमजोर छात्रों के लिए एक सम्पूर्ण विकास कार्यक्रम है। इसका उद्देश्य बच्चों की बौद्धिक नींव को मजबूत करना, उनके नैतिक आचरण को ऊँचा उठाना और उन्हें शैक्षणिक, शारीरिक, मानसिक व आध्यात्मिक रूप से समृद्ध बनाना है।

इस आयोजन को डिजिटल और प्रिंट मीडिया द्वारा व्यापक रूप से कवर किया गया। दर्शकों ने डीजेजेएस के साथ जुड़ने, विभिन्न सामाजिक प्रकल्पों में योगदान देने में अपनी गहरी रुचि दिखाई और गुरुदेव श्री आशुतोष महाराज जी के प्रति आभार व्यक्त किया, जिनकी दिव्य कृपा से यह कार्यक्रम सफल हुआ।

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