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दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान (डीजेजेएस) के लैंगिक समानता और महिला सशक्तिकरण प्रकल्प-संतुलन, को रुद्राक्ष फाउंडेशन द्वारा अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष्य में 9 मार्च 2026 को बेंगलुरु के सर एम. वी. ऑडिटोरियम में आयोजित हुए “जी ले ज़रा” नामक कार्यक्रम में आमंत्रित किया गया। मारवाड़ी युवा मंच बैंगलोर जागृति के सहयोग से आयोजित और राजस्थान सरकार के डिपार्टमेंट ऑफ डोमेस्टिक एंड ओवरसीज राजस्थानी अफेयर्स द्वारा समर्थित इस कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों से आई प्रतिष्ठित हस्तियाँ, सामाजिक नेतृत्वकर्ताओं और परिवर्तन के प्रति समर्पित व्यक्तित्वों की उल्लेखनीय भागीदारी रही। यह कार्यक्रम आधुनिक समाज में महिलाओं की शक्ति, सहनशीलता और बदलती भूमिका का उत्सव मनाने का एक सशक्त मंच बना। इस अवसर पर डीजेजेएस संतुलन की उपस्थिति उसके लैंगिक समानता और महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में किए जा रहे पथप्रदर्शक प्रयासों के लिए व्यापक सराहना और विशिष्ट पहचान का प्रतीक रही।

The Modern Woman Paradox: DJJS Santulan Ignites Transformational Dialogue on Gender Equality and Women Empowerment

कार्यक्रम के दौरान एक प्रभावशाली लघु फिल्म प्रस्तुत की गई, जिसमें पिछले दो दशकों में डीजेजेएस संतुलन द्वारा चलाए जा रहे विभिन्न जागरूकता अभियानों, जेंडर सेंसिटाइजेशन कार्यशालाओं, काउंसलिंग सत्रों, नुक्कड़ नाटकों, सेमिनारों और विशेषज्ञों व समूहों के साथ आयोजित सम्मेलनों के माध्यम से महिलाओं की गरिमा और स्थिति को सशक्त बनाने के व्यापक और परिवर्तनकारी प्रभाव को दर्शाया गया। इसके साथ ही एक ऊर्जावान नृत्य नाटिका प्रस्तुत की गई, जिसमें महिला पहलवान अंतिम पंघाल के संघर्ष और सफलता की प्रेरक यात्रा को दिखाया गया। इस प्रस्तुति ने भारत की बेटियों के साहस, अनुशासन और अदम्य संकल्प को उजागर करते हुए आत्मविश्वास, दृढ़ता और सामाजिक रूढ़ियों को तोड़ने का सशक्त संदेश दिया। साध्वी निशंका भारती जी ने अपने संबोधन में वर्तमान समय के उस विरोधाभास को रेखांकित किया, जहाँ महिलाएँ नई ऊँचाइयों को छू रही हैं, रूढ़िगत धारणाओं को तोड़ रही हैं और विभिन्न क्षेत्रों में नेतृत्व की भूमिकाएँ निभा रही हैं, फिर भी वे लैंगिक हिंसा, भेदभाव और गहराई से जड़ जमाए सामाजिक पूर्वाग्रहों जैसी चुनौतियों का सामना कर रही हैं। साध्वी जी ने आगे दिव्य गुरु श्री आशुतोष महाराज जी के विचार साझा करते हुए कहा, “महिलाओं का सच्चे अर्थों में सशक्तिकरण तभी संभव है जब दो स्तरों पर कार्य किया जाए, पहला-समाज को महिलाओं की महिमा के प्रति जागृत किया जाए और दूसरा-महिलाओं को आत्म-जागरूक बनाया जाए, और यह दोनों केवल आध्यात्मिक जागरण के माध्यम से ही संभव है।”

इस कार्यक्रम में (आईएएस), आयुक्त, राजस्थान फाउंडेशन डॉ. मनीषा अरोड़ा; कर्नाटक राज्य महिला आयोग अध्यक्ष, डॉ. नागलक्ष्मी चौधरी; तथा प्रख्यात सामाजिक कार्यकर्ता छवि राजावत की गरिमामयी उपस्थिति रही।

The Modern Woman Paradox: DJJS Santulan Ignites Transformational Dialogue on Gender Equality and Women Empowerment

दिव्य गुरु श्री आशुतोष महाराज जी की दिव्य दृष्टि से प्रेरित और साध्वी दीपिका भारती जी, ग्लोबल हेड, डीजेजेएस संतुलन के मार्गदर्शन में, डीजेजेएस संतुलन समग्र रूप से सशक्त महिलाओं को तैयार करने के लिए निरंतर कार्य कर रहा है, जो समाज में सकारात्मक परिवर्तन की वाहक बनती है।

दिव्य गुरु श्री आशुतोष महाराज जी के मार्गदर्शन में, दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान शिक्षा, जेंडर सेंसिटाइजेशन, नशा मुक्ति, पर्यावरण संरक्षण, सामुदायिक स्वास्थ्य, आपदा राहत और कारागार सुधार जैसे विभिन्न क्षेत्रों में बहुआयामी सामाजिक सुधार कार्यक्रमों के माध्यम से शांति, समानता और सामंजस्य को बढ़ावा देने के अपने मिशन पर निरंतर कार्य कर रहा है।

अपने जमीनी प्रयासों के साथ-साथ, डीजेजेएस संतुलन अपने सक्रिय डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से वैश्विक स्तर पर भी जागरूकता फैलाता है। इस अभियान से जुड़ने के लिए इंस्टाग्राम, फेसबुक और एक्स पर @DJJSSantulan को फॉलो करें और प्रेरणादायक जानकारी प्राप्त करें।

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