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संस्कारशाला, दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान (DJJS) के समग्र शिक्षा कार्यक्रम, मंथन सम्पूर्ण विकास केंद्र (SVK) द्वारा 4 से 12 वर्ष की आयु के बच्चों के लिए आयोजित की जाने वाली एक मासिक कार्यशाला है। संस्कारशाला, युवा मन को पोषित करने और उन्हें शाश्वत सद्गुणों से जुड़े रहते हुए जीवन की चुनौतियों का सामना करने में मदद करने के लिए एक मंच के रूप में कार्य करती है। DJJS मंथन SVK द्वारा संचालित यह कार्यशाला, बच्चों में आवश्यक नैतिक मूल्यों और जीवन कौशल का संचार करने के लिए एक परिवर्तनकारी पहल है।

Tiny Verses, Big Lessons: Learning Couplets of Wisdom at DJJS Manthan SVK | September 2025

 

इंद्रिय निग्रह संस्कारशाला – षष्ठ धर्म लक्षणम्, सच्ची शक्ति अपनी इंद्रियों पर नियंत्रण रखने में निहित है। इंद्रिय निग्रह आत्म-अनुशासन की कला सिखाता है, इंद्रियों को गलत कार्यों से रोककर, उन्हें सद्गुणों की ओर निर्देशित करता है। जब हमारे विचार, वाणी और कर्म सजगता द्वारा निर्देशित होते हैं न कि आवेग द्वारा, तब जीवन संतुलित, उद्देश्यपूर्ण एवं मूल्य-आधारित बनता है। इस संस्कारशाला का उद्देश्य प्रतिभागियों को चरित्र और आध्यात्मिक विकास की नींव के रूप में आंतरिक नियंत्रण का अभ्यास करने के लिए प्रेरित करना है।

Tiny Verses, Big Lessons: Learning Couplets of Wisdom at DJJS Manthan SVK | September 2025

 

सितंबर 2025 में कुल 105 संस्कारशाला कार्यशालाएं आयोजित की गई, जिनसे लगभग 7835 बच्चे लाभान्वित हुए। । यह कार्यशालाएँ DJJS की सभी शाखाओं में आयोजित की गईं, जिनमें प्रवासी भारतीय बच्चों के साथ-साथ देश भर के विभिन्न विद्यालयों के छात्र भी शामिल थे।

स्थान विवरण:

1. बिहार

  • एम.एस. पब्लिक स्कूल, बरियारपुर, सहरसा

 

  • बी.डी. पब्लिक स्कूल, महुआ, मधेपुरा
     
  • बुलेट माइंड स्कूल, भवानीपुर, पूर्णिया
     
  • बिहार विकास सीबीएसई स्कूल, गोपालगंज
     
  • गुरुकुल इंटरनेशनल स्कूल, कोरा, दरभंगा
     
  • सहरसा ब्रांच मिडिल स्कूल, अलौली, खगड़िया
     
  • उत्क्रमित मिडिल स्कूल, डिबरा बाज़ार, पूर्णिया
     
  • विद्या भारती इंग्लिश स्कूल, मानपुर, बोधगया
     
  • सावित्री देवी मारवाड़ी गर्ल्स हाई स्कूल, तेघरा, बेगूसराय

2. दिल्ली

  • ईडीएमसी स्कूल, कांति नगर
     
  • गुड शेफर्ड स्कूल, दक्षिणपुरी
     
  • निगम आदर्श विद्यालय, कैलाश कॉलोनी, नेहरू प्लेस

 

  • सलवान सीनियर सेकेंडरी बॉयज़ स्कूल, राजेंद्र नगर

3. हरियाणा

  • आर.पी.एस. पब्लिक स्कूल, फरीदाबाद

4. मध्य प्रदेश

  • नेताजी सुभाष चन्द्र बोस हॉस्टल, छिंदवाड़ा
     
  • गवर्नमेंट नवीन हाई स्कूल, महाराजपुर, मंडला
     
  • गवर्नमेंट सेकेंडरी स्कूल, हुरावली, ग्वालियर
     
  • माइक्रो कम्प्यूटर एजुकेशन, बालाघाट

5. उत्तर प्रदेश

  • गुरु कृपा स्कूल, पिलखुआ
     
  • ट्रांसलैम एकेडमी स्कूल, मेरठ
     
  • उप्पर प्राइमरी स्कूल, रायपुर, बिसौली, बदायूँ
     
  • हायर प्राइमरी स्कूल, दियोरिया कलां ब्लॉक, बिलसंडा, पीलीभीत
     
  • पी.एस. बहादुरपुर करौड़, बरेली

इन्द्रिय निग्रह संस्कारशाला – षष्ठ धर्म लक्षणम् के अंतर्गत, मंथन-SVK द्वारा बच्चों को पाँच इन्द्रियों — नेत्र, जिह्वा, घ्राण, कर्ण एवं त्वचा — के सजग एवं विवेकपूर्ण प्रयोग का अभ्यास कराया गया। उन्होंने सीखा कि प्रत्येक इन्द्रिय उनके स्वास्थ्य और व्यवहार को किस प्रकार प्रभावित करती है। सत्र में स्क्रीन समय को सीमित रखने के महत्व पर विशेष बल दिया गया, यह समझाते हुए कि अत्यधिक स्क्रीन उपयोग नींद, एकाग्रता और कल्पनाशक्ति पर प्रतिकूल प्रभाव डालती है। संरक्षित एवं अस्वस्थकर खाद्य पदार्थों से बचने की जागरूकता भी उत्पन्न की गई, ताकि बच्चे उनके वृद्धि और रोग-प्रतिरोधक क्षमता पर पड़ने वाले प्रभाव को समझ सकें।

छात्रों ने यह भी जाना कि तीव्र ध्वनियों का अत्यधिक श्रवण एकाग्रता, मनोभाव तथा दीर्घकालिक श्रवण-स्वास्थ्य पर विपरीत प्रभाव डालती है। संवादात्मक कहानी-कथन एवं दोहों की व्याख्या के माध्यम से बच्चों ने यह समझा कि इन्द्रियों का दुरुपयोग नकारात्मक आदतों और असंतुलित जीवनशैली का कारण बनता है। रचनात्मक गतिविधियों के माध्यम से उन्होंने अपने दैनिक जीवन में इन्द्रिय-उत्तेजनाओं की पहचान की और स्वस्थ विकल्पों को अपनाने का अभ्यास किया। उन्होंने इस विषय पर भी चिंतन किया कि दृष्टि, स्वाद, गंध, श्रवण एवं स्पर्श का सजग उपयोग आत्म-अनुशासन, सम्मान और भावनात्मक संतुलन को विकसित करता है। सजग होकर भोजन करना, ध्यानपूर्वक सुनना और सचेत अवलोकन जैसे व्यावहारिक उदाहरणों के माध्यम से यह स्पष्ट किया गया कि छोटी-छोटी क्रियाएँ भी हमारे समग्र व्यवहार को आकार देती हैं। इस सत्र द्वारा बच्चों को प्रेरित किया कि वे अपने दैनिक जीवन में इन्द्रिय-सजगता को अपनाने हेतु बड़ों और शिक्षकों से मार्गदर्शन लें।

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