दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान (डीजेजेएस) द्वारा दिव्य गुरु श्री आशुतोष महाराज जी की दिव्य प्रेरणा एवं मार्गदर्शन में 11 से 17 दिसम्बर 2025 तक रोहिणी सेक्टर 21, दिल्ली में सात दिवसीय श्री राम कथा का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ भावपूर्ण भजनों और वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ हुआ, जिससे पूरा वातावरण दिव्य स्पंदन से भर गया। इससे श्रोतागण आगे आने वाली गहन आध्यात्मिक शिक्षाओं को आत्मसात करने के लिए सज्ज हो गए।

कथा का वाचन दिव्य गुरु श्री आशुतोष महाराज जी की शिष्या, साध्वी श्रेया भारती जी द्वारा अत्यंत सुंदर एवं भावपूर्ण ढंग से किया गया, जिसमें उन्होंने मर्यादा पुरुषोत्तम श्री राम के दिव्य चरित्र और शिक्षाओं को विस्तार से उजागर किया। साध्वी जी ने बताया कि प्रभु श्री राम का जीवन सत्य, धर्म, साहस और कर्तव्यनिष्ठा का अनुपम उदाहरण है। उन्होंने कहा कि भगवान राम के आदर्शों की वास्तविक समझ तभी प्राप्त होती है जब साधक पूर्ण सतगुरु द्वारा प्रदत्त ब्रह्मज्ञान से अपने आत्म स्वरूप का दिव्य अनुभव प्राप्त करता है।
अपने प्रवचन में साध्वी जी ने यह भी स्पष्ट किया कि रामायण की कथाएँ मात्र इतिहास नहीं, बल्कि मानवता के लिए कालातीत प्रेरणाएँ हैं, जो हमें विश्वास, धैर्य और सत्पथ पर चल के चुनौतियों का सामना करने का साहस देती हैं। उन्होंने बताया कि जब कोई सच्चा साधक पूर्ण गुरु की शरण में जाता है, तो गुरु साधक के दिव्य चक्षु अर्थात् अंतरदृष्टि को खोल, उसके घट भीतर ही ईश्वर का साक्षात दर्शन कराते हैं। यही आंतरिक जागृति मनुष्य को ज्ञान, शक्ति और स्थिरता प्रदान करती है, जिससे वह जीवन के संघर्षों का सामना भगवान राम की तरह धैर्य और विवेक से कर पाता है।

साध्वी जी ने अपने प्रेरणादायक शब्दों में कहा कि आज दिव्य गुरु श्री आशुतोष महाराज जी की अनुकंपा से समस्त मानवता को वही ब्रह्मज्ञान प्राप्त कराया जा रहा है, जो आत्मबोध, आंतरिक परिवर्तन एंव विश्व शांति की दिशा में मार्गदर्शक है।
कार्यक्रम में रोहिणी एवं आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में भक्तों और आध्यात्मिक साधकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। शांतिपूर्ण वातावरण, दिव्य प्रवचनों और भक्ति-संगीत ने सात दिवसीय कार्यक्रम को सभी के लिए गहन रूप से परिवर्तनकारी अनुभव बना दिया। कई विशिष्ट अतिथियों ने भी कार्यक्रम में अपनी उपस्थिति से इसे गौरवान्वित किया। उन्होंने संस्थान द्वारा चलाये जा रहे अभियानों के प्रति हार्दिक प्रशंसा प्रकट की और भविष्य में भी ऐसे आध्यात्मिक उत्थानकारी कार्यक्रमों के निरंतर आयोजन का समर्थन किया।