तीज 2026 का आयोजन DJJS द्वारा अपने लिंग समानता कार्यक्रम “संतुलन के अंतर्गत, “स्वयं से साक्षात्कार” शीर्षक से आयोजित विभिन्न रोचक, चिंतनशील और आध्यात्मिक रूप से समृद्ध कार्यशालाओं के माध्यम से किया गया। यह आयोजन संगठन के सतत् एवं प्रतिष्ठित अभियान “तू है शक्ति 2.0” के अंतर्गत युवा महिला ब्रिगेड और सशक्त महिला ब्रिगेड के साथ सम्पन्न हुआ। इस कार्यक्रम ने तीज के गहरे अर्थ को उजागर करते हुए इसे केवल बाह्य उत्सव नहीं, बल्कि आंतरिक जागरण, आत्म-साक्षात्कार और व्यक्तिगत रूपांतरण की यात्रा के रूप में प्रस्तुत किया।

कार्यक्रम की शुरुआत “Self-Introspection” नामक एक आइसब्रेकिंग गतिविधि से हुई, जिसमें प्रतिभागियों ने तीज से संबंधित शब्दों वाली एक वर्ड पज़ल को हल किया। इस गतिविधि ने उत्साहपूर्ण सहभागिता को प्रोत्साहित करते हुए, उत्सव के आध्यात्मिक और सांस्कृतिक सार को एक इंटरैक्टिव तरीके से सामने रखा।
इसके बाद “This or That?” नामक एक विचारशील गतिविधि आयोजित की गई, जिसने प्रतिभागियों को तीज से जुड़े बाह्य उत्सवों और उससे संबंधित आंतरिक मूल्यों के अंतर पर चिंतन करने के लिए प्रेरित किया। इस अभ्यास के माध्यम से प्रतिभागियों को यह समझने के लिए प्रोत्साहित किया गया कि भारतीय पर्व केवल सजने-संवरने, नृत्य करने, सजावट करने और यादें संजोने तक सीमित नहीं होते, बल्कि उनके भीतर गहरे आध्यात्मिक संदेश भी निहित होते हैं।

एक विशेष प्रवचन सत्र में देवी पार्वती की आध्यात्मिक यात्रा के माध्यम से तीज के महत्व को समझाया गया। इस सत्र में उनकी भक्ति, तपस्या और आत्म-साक्षात्कार पर विशेष बल दिया गया, जिससे प्रतिभागियों को अपनी आंतरिक प्रगति और सर्वोच्च संभावनाओं पर विचार करने की प्रेरणा मिली।
इस आयोजन में सामूहिक भागीदारी वाली गतिविधियां भी शामिल थीं, जैसे कि blindfolded product-identification challenge और threaded marker के साथ टीम ड्राइंग गतिविधि। इन खेलों ने कार्यक्रम में उत्साह, टीमवर्क और सहयोग को बढ़ाया, जिससे पूरा वातावरण जीवंत और सहभागितापूर्ण बना।
इन सुविचारित सत्रों के माध्यम से तीज को एक ऐसे सार्थक उत्सव के रूप में प्रस्तुत किया गया, जिसमें भक्ति, ज्ञान, चिंतन और आनंद का सुंदर समन्वय था। साथ ही, इस आयोजन ने आत्म-जागरूकता, आंतरिक शक्ति और समग्र विकास के मूल्यों को भी सशक्त रूप से रेखांकित किया।
डी.जे.जे.एस संतुलन, जो दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान द्वारा संचालित लिंग समानता अभियान है, मूल स्तर पर सक्रियता और आध्यात्मिक जागरण के संयोजन के माध्यम से महिलाओं के विरुद्ध होने वाले अपराधों को समाप्त करने का लक्ष्य रखती है। यह कार्यक्रम कन्या भ्रूण हत्या और पुत्र-प्राथमिकता जैसी गहरी जड़ें जमा चुकी सामाजिक कुरीतियों को समाप्त करने के लिए निरंतर कार्यरत है, ताकि महिलाओं को समाज में उच्च गरिमा का स्थान पुनः प्राप्त हो सके। ‘तू हैं शक्ति’ अभियान जैसी मुहिम के माध्यम से संगठन महिलाओं को भावनात्मक और सामाजिक, दोनों स्तरों पर सशक्त बनाने का कार्य कर रहा है।
