पंजाब का नूरमहल जागृत नारी शक्ति, नेतृत्व और सामूहिक सामाजिक सोच और चेतना का संगम बना जब दिव्या ज्योति जाग्रति संसथान (डी.जे.जे.एस) की महिला सशक्तिकरण और लैंगिक समानता प्रकल्प संतुलन ने दिव्या गुरु श्री आशुतोष महाराज जी के मार्गदर्शन में अपने विशेष सम्मलेन युग निर्माणी नारी के पाँचवे संस्करण का 10 नवंबर, 2025 को आयोजन किया |

पंजाब, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, हरियाणा और राजस्थान से सम्मलेन में उत्साहपूर्वक भाग लेने पहुँचे थे डी.जे.जे.एस संतुलन की आध्यात्मिक रूप से जागृत महिला स्वयंसेविकाएँ | यह सम्मलेन एक अनूठा सामाजिक, आध्यात्मिक और सांस्कृतिक आंदोलन हैं जिसका उद्देश्य 21वीं सदी की ऐसी वैदिक नारियों की एक पीढ़ी तैयार करना हैं जो अध्यात्मिक रूप से जागृत, सामाजिक रूप से सजग और वर्त्तमान समय में उद्देश्यपूर्ण नेतृत्व करने के लिए सक्षम हो|
इस सम्मलेन की परिकल्पना एक ऐसे मंच के रूप में की गई हैं, जहाँ महिलाएँ सार्थक संवाद, सामूहिक चिंतन और आपसी सीख के माध्यम से अपने उद्देश्य से फिर से जुड़ सके, उद्देश्य एक ऐसे समाज का निर्माण करना जो सामाजिक रूप से संतुलित हो और लैंगिक समानता पर आधारित हो, जो महिलाओं के प्रति भेदभाव और हिंसा से मुक्त हो | विचार-विमर्श, व्याख्यान, संवाद सत्र के माध्यम से समाज में गहरी जड़े जमा चुकी चुनौतियाँ जैसे लैंगिक रूढ़िबद्ध धारणाएँ, नारी सशक्तिकरण, लैंगिक समता और लैंगिक समानता को लेकर बनी गलत धारणाओं की पहचान करते हुए अपने दृष्टिकोण को व्यापक, आत्मबल को सशक्त और उद्देश्य के प्रति प्रतिबद्धता को दृढ़ बनाए रखने के लिए स्वयंसेविकाओं को प्रेरित किया गया |

युग निर्माणी नारी - यह थीम दर्शाती है की एक संतुलित और प्रगतिशील समाज के निर्माण में नारी की भूमिका कितनी महत्त्वपूर्ण हैं | डी.जे.जे.एस संतुलन का मानना हैं कि आत्म-साक्षात्कार के सनातन विज्ञान ब्रह्मज्ञान के माध्यम से आत्म-जागरण, समग्र सशक्तिकरण के लिए आधारशिला हैं | यह आंतरिक जागरण एक मैला को अपनी शैक्षणिक, आर्थिक और सामाजिक शक्ति का सार्थक उपयोग करने में सक्षम बनता हैं, ताकि वह अधिक संवेदनशील, संस्कारवान और सामाजिक रूप से जागरूक युग के निर्माण में योगदान दे सके |
डी.जे.जे.एस संतुलन के निःस्वार्थ स्वयंसेवकों द्वारा प्रस्तुत शक्तिशाली नृत्य प्रस्तुतियाँ और दिव्या गुरु श्री आशुतोष महाराज जी की साध्वी शिष्याओं द्वारा प्रस्तुत संगीतमय प्रस्तुतियों के माध्यम से उन महान नारियों के साहस, संघर्ष, दृढ़ता और अदम्य भावना को नमन किया गया, जिन्होंने भरत की सभ्यता और सांस्कृतिक विरासत को समृद्ध करने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई | झाँसी की रानी लक्ष्मीबाई, सावित्रीबाई फुले, राजमाता जिजाबाई, रानी पद्मावती, अहिल्याबाई होलकर और अनेक अन्य महान नारियों से प्रेरणा लेते हुए इन प्रस्तुतियों ने नारी के वास्तविक स्वरुप को सामने रखा, नारी केवल त्याग की प्रतीक नहीं अपितु अपने साहस, नेतृत्व और सामर्थ्य से समाज को दिशा देने और उसके विकास में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाने वाली शक्ति हैं|
दिव्य गुरु श्री आशुतोष महाराज जी की शिष्या एवं हिंदी और अंग्रेज़ी भाषा में विश्व विख्यात श्री राम कथा वाचक
साध्वी दीपिका भारती जी के नेतृत्व में डी.जे.जे.एस संतुलन पिछले दो दशकों से महिलाओं के समग्र सशक्तिकरण पर केन्द्रित विभिन्न सामाजिक अभियानों के माध्यम से निरंतर कार्यरत हैं| पारंपरिक सशक्तिकरण मॉडलों से आगे बढ़ते हुए संतुलन व्यक्ति के मूल स्तर अर्थात उनकी सोच पर कार्य करता है और आध्यात्मिकता के माध्यम से उसमें सकारात्मक परिवर्तन लाता है। पिछले दो दशकों में इस प्रकल्प ने देश-विदेश में समाज के हर वर्ग से संबंधित 6 लाख से अधिक महिलाओं को सशक्त बनाया हैं |
दिव्य गुरु श्री आशुतोष महाराज जी के दिव्य मार्गदर्शन में डी. जे. जे. एस लैंगिक समानता, शिक्षा, नशा उन्मूलन, पर्यावरण संरक्षण, सामुदायिक स्वास्थ्य, आपदा राहत और कारागार सुधार जैसे बहुआयामी सामाजिक कार्यक्रमों के माध्यम से विश्व में शांति, समानता और भाईचारे की स्थापना के अपने मिशन को निरंतर आगे बढ़ा रहा है।
संतुलन अपने डिजिटल माध्यमों के जरिए वैश्विक स्तर पर जागरूकता को भी प्रभावी कर रहा है। इस अभियान से जुड़ने के लिए इंस्टाग्राम, फेसबुक और एक्स(X) पर @DJJSSantulan को फॉलो करें और नवीनतम जानकारी प्राप्त करें।
