मातृत्व की व्यापक चेतना को सपर्मित डी.जे.जे.एस. संतुलन की भावांजलि
डी.जे.जे.एस. संतुलन के वार्षिक मासिक अभियान ‘मातृ शक्ति तुभ्यम् नमः’ के अंतर्गत आयोजित इस कार्यक्रम में माताओं, युवाओं एवं विभिन्न पेशेवर क्षेत्रों से जुड़े लोगों ने सहभागिता की। कार्यक्रम ने मातृत्व, महिला सशक्तिकरण, लैंगिक संवेदनशीलता एवं मूल्यनिष्ठ सामाजिक परिवर्तन जैसे विषयों पर सार्थक संवाद का मंच प्रदान किया।

कार्यक्रम का शुभारंभ विशिष्ट अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलन के साथ हुआ, जिनमें चाइल्ड वेलफेयर कमेटी की सदस्य पीठ मजिस्ट्रेट, एडवोकेट नीरा जैन; डेंटल सर्जन एवं ओरल कैंसर विशेषज्ञ, डॉ. ममता मलिक; ग्रीनफील्ड्स पब्लिक स्कूल की प्राचार्या, डॉ. सुमिता ठाकुर; दिल्ली पब्लिक स्कूल की प्राचार्या सुश्री दीप्ति वढेरा; एडवोकेट अनीता सैनी; एडवोकेट मंजू शर्मा; अधिवक्ता सुश्री कुमुद गुप्ता; रुक्मण पब्लिक स्कूल की प्राचार्या सुश्री प्रिया नारंग; एवं डायटीशियन डॉ. नेहा, प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।
इंटरैक्टिव गतिविधियों, कलात्मक प्रस्तुतियों, विचारोत्तेजक पैनल चर्चा एवं आत्ममंथनपूर्ण संवादों के माध्यम से कार्यक्रम ने माताओं के उस अदृश्य एवं प्रायः अनदेखे श्रम को रेखांकित किया, जिसे वे प्रतिदिन निभाती हैं। साथ ही, माताओं द्वारा झेले जाने वाले भावनात्मक एवं व्यावसायिक दबावों तथा अधिक सहयोगी, समानतापूर्ण और भावनात्मक रूप से संवेदनशील पारिवारिक संरचनाओं की आवश्यकता पर भी सार्थक विमर्श किया गया। इस अवसर पर राजमाता जीजाबाई, रानी मदालसा एवं सुनीति जैसी प्रेरणादायी माताओं के जीवन प्रसंगों को उदाहरण स्वरूप साझा किया गया, जिन्होंने दूरदर्शी व्यक्तित्वों का निर्माण किया, धर्म की प्रतिष्ठा की और पीढ़ियों के नैतिक मूल्यों को दिशा प्रदान की।

सभा को संबोधित करते हुए दिव्य गुरु श्री आशुतोष महाराज जी की शिष्या साध्वी तपस्विनी भारती जी ने उनके उस दृष्टिकोण को साझा किया कि भारतीय संस्कृति में मातृत्व केवल जैविक संबंधों तक सीमित नहीं है, बल्कि हर उस शक्ति का प्रतीक है जो जीवन का पोषण, संरक्षण और निर्माण करती है। साध्वी जी ने कहा कि जिस प्रकार प्रकृति, धरती एवं राष्ट्र को भी श्रद्धापूर्वक ‘माँ’ कहकर संबोधित किया जाता है, उसी प्रकार करुणा, संवेदनशीलता एवं निःस्वार्थ सेवा की प्रत्येक अभिव्यक्ति सम्मान की अधिकारी है। इस आयोजन के माध्यम से डी.जे.जे.एस. संतुलन ने ‘माँ’ के इसी उच्च एवं शाश्वत स्वरूप को नमन किया।
डी.जे.जे.एस. संतुलन की वैश्विक प्रमुख एवं हिन्दी तथा अंग्रेज़ी दोनों भाषाओं में विश्व-विख्यात रामकथा प्रवक्ता साध्वी दीपिका भारती जी के नेतृत्व में यह प्रकल्प जमीनी स्तर पर महिला विकास हेतु विभिन्न जनजागरण अभियानों के माध्यम से निरंतर कार्य कर रही है।
दिव्य गुरु श्री आशुतोष महाराज जी की दिव्य प्रेरणा से संचालित दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान शिक्षा, जेंडर समानता, पर्यावरण संरक्षण, स्वास्थ्य जागरूकता, आपदा राहत, नशा उन्मूलन एवं बंदी सुधार जैसे बहुआयामी सामाजिक अभियानों के माध्यम से विश्व शांति, समानता एवं मानव एकता के अपने मिशन को निरंतर आगे बढ़ा रहा है।
