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अपने सम्पूर्ण स्वास्थ्य कार्यक्रम-'आरोग्य' के अंतर्गत दिव्य ज्योति जागृति संस्थान (डीजेजेएस) द्वारा आयोजित विलक्षण योग शिविर एक विशेष योग शिविर है, जिसका आयोजन नि:शुल्क किया जाता है ताकि स्वस्थ जीवन शैली एवं सुदृढ़ प्रतिरक्षा प्रणाली के स्वदेशी तरीके के रूप में योग के प्रति लोगों में जागरूकता एवं प्रोत्साहन किया जा सके।

DJJS Vilakshan Yog Shivir 2019 : Extending holistic health and well-being through Yoga Camps

संस्थान के प्रमुख एवं संस्थापक  श्री आशुतोष महाराज जी के दिव्य मार्गदर्शन के तहत, संस्थान ‘विलक्षण योग शिविर’ के माध्यम से भारत की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत के रूप में योग, प्राणायाम और ध्यान को बढ़ावा व प्रचारित कर रहा है। ‘विलक्षण योग शिविर’ एक विशेष स्वास्थ्य शिविर है जो लोगों को शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने और बनाए रखने के लिए प्रतिदिन ध्यान, योगासन और प्राणायाम की अनिवार्यता पर जागरूक और प्रोत्साहित करने का एक विशिष्ट माध्यम है। इन ‘योग शिविरों’ में लोगों को योगासनों, योग क्रियाओं और प्राणायाम व ध्यान की प्रभावी तकनीकों के साथ-साथ आयुर्वेदिक उपचार की भी उचित जानकारी प्रदान की जाती है।

DJJS Vilakshan Yog Shivir 2019 : Extending holistic health and well-being through Yoga Camps

बेहतर स्वास्थ्य और स्वस्थ जीवन शैली के प्रति उत्सुक लोग, इन ’विलक्षण योग’ शिविरों में बड़े उत्साह और जोश के साथ भाग लेते हैं। लगभग दो से तीन घंटे के ‘योग और प्राणायाम सत्र’ में, संस्थान के योगाचार्य जी द्वारा उपस्थित प्रतिभागियों को शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के लिए ताड़ासन, वृक्षासन, भुजंगासन, शवासन, धनुरासन, व्रजासन, सूर्य नमस्कार इत्यादि जैसे बुनियादी आसनों व प्राणायाम तकनीक जैसे नाड़ी शोधन, भस्त्रिका, अनुलोम-विलोम, कपालभाती, भ्रामरी आदि सिखाया व अभ्यास कराया जाता है. साथ ही साथ स्वस्थ जीवनशैली तथा दैनिक जीवन की समस्यायें जैसे कि पीठ दर्द, उच्च रक्तचाप, मोटापा, जोड़ों में दर्द आदि से सम्बंधित विभिन्न आसनों और योगिक क्रियाओं से भी अवगत कराया जाता है। सत्र के दौरान शरीर में होनेवाले विभिन्न प्रकार के ऑटो-इम्यून रोगों जैसे स्टिफनेस, अस्वस्थता, थकान व कमजोरी आदि से सम्बंधित योगासनों, प्राणायाम के अलावा आसान आयुर्वेदिक उपचार भी प्रतिभागियों को बताये जाते हैं। योग सत्र का समापन   के उच्चारण, 'सर्वे भवन्तु सुखिनः' और 'शांति पाठ' द्वारा सभी के लिए स्वास्थ्य, शांति और सद्भावना की प्रार्थना से किया जाता है।

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