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दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान (डी.जे.जे.एस.) की महिला सशक्तिकरण एवं लैंगिक समानता प्रकल्प ‘संतुलन’ ने, दिव्य गुरु श्री आशुतोष महाराज जी के मार्गदर्शन में, दिल्ली विश्वविद्यालय के दिल्ली कॉलेज ऑफ आर्ट्स एंड कॉमर्स (डी.सी.ए.सी.) में “Superwoman: A Compliment or a Burden?” विषय पर एक प्रभावशाली लिंग संवेदीकरण कार्यशाला आयोजित किया। यह कार्यशाला 1 अप्रैल 2026 को डी.सी.ए.सी. के महिला विकास प्रकोष्ठ की सहभागिता से अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष्य में संतुलन के वार्षिक माहव्यापी अभियान ‘स्वाभिमान’ के अंतर्गत सम्पन्न हुई।

Gen Z in Focus: DJJS Santulan collaborates with the Women's Development Cell of the University of Delhi

डी.जे.जे.एस. संतुलन की ग्लोबल हेड एवं हिंदी व अंग्रेज़ी दोनों भाषाओं में रामकथा की विश्वविख्यात सुदक्ष वक्ता साध्वी दीपिका भारती जी ने अपने विचारोत्तेजक संबोधन में संवादात्मक गतिविधियों एवं कलात्मक प्रस्तुतियों का ऐसा समन्वय किया, जिसने प्रतिभागियों को न केवल पुरे सत्र के दौरान जोड़े रखा बल्कि आत्ममंथन के लिए भी प्रेरित किया। सत्र की शुरुआत एक प्रभावशाली लघु नाटिका की प्रस्तुति से हुई, जिसने महिलाओं पर पड़ने वाले अनकहे दबावों को संवेदनशीलता से उजागर किया। इसके पश्चात प्रस्तुत की गई ऊर्जावान रील-मैशअप कोरियोग्राफी ने आधुनिक महिलाओं के बहुआयामी संघर्षों को दर्शाते हुए उनकी गरिमा और पहचान की पुनर्स्थापना के प्रयासों को प्रभावशाली ढंग से सामने रखा।

भारतीय इतिहास की वीरांगनाओं, रानियों और क्रांतिकारी महिलाओं से जुड़े प्रसंगों को आधार बनाकर साध्वी जी ने वर्तमान समय की महिलाओं के समक्ष उपस्थित सूक्ष्म चुनौतियों के साथ एक सशक्त समानांतर स्थापित किया, जो प्रतिभागियों के लिए प्रेरणादायी और चिंतनशील दोनों रहा। अपनी सहजता, संवेदनशीलता और प्रभावी अभिव्यक्ति के माध्यम से उन्होंने श्रोताओं को यह सोचने के लिए प्रेरित किया कि “सुपरवुमन” कहलाना वास्तव में प्रशंसा है या फिर एक छिपा हुआ सामाजिक दबाव।

Gen Z in Focus: DJJS Santulan collaborates with the Women's Development Cell of the University of Delhi

महिला विकास प्रकोष्ठ के छात्र प्रतिनिधि, अंशु, श्रेयस विजय वानखेड़े एवं कार्तिकेय शर्मा ने साझा किया कि इस सत्र ने बिना किसी निष्कर्ष को थोपे उनकी कई “स्थिर धारणाओं” को चुनौती दी। उन्होंने विशेष रूप से सराहना की कि साध्वी जी ने ऐसा वातावरण निर्मित किया, जो Gen Z की सोच से गहराई से जुड़ता हैं क्योंकि यह सतही “वोक” चर्चाओं और सोशल मीडिया नैरेटिव्स से आगे बढ़कर वास्तविक एवं आत्ममंथनपूर्ण संवाद को स्थान मिला। उनके शब्दों में, “यह वैसी बातचीत थी जिसकी आज हमारी पीढ़ी को वास्तव में आवश्यकता है, दिखावट से परे, सच्ची, आत्मविश्लेषणात्मक।”

महिला विकास प्रकोष्ठ की संयोजक एवं डी.सी.ए.सी. की प्राध्यापिका डॉ. पूनम रानी ने कहा कि जहाँ शैक्षणिक संस्थानों में अधिकांश सत्र जानकारी, कौशल या करियर निर्माण तक सीमित रहते हैं, वहीं इस प्रकार की कार्यशालाएँ मानवीय संवेदनाओं और गहन सामाजिक समझ के लिए एक दुर्लभ एवं सार्थक स्थान निर्मित करती हैं, जो आज के उपलब्धि-केंद्रित परिवेश में अक्सर उपेक्षित रह जाता है। उन्होंने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि यह केवल विद्यार्थियों को “सूचनाप्रधान” बनाने तक सीमित नहीं है, बल्कि उनमें सहानुभूति, संवेदनशीलता एवं लैंगिक समानता के मूल्यों को भी विकसित करती है। साथ ही उन्होंने विद्यार्थियों के लिए भविष्य में भी डी.जे.जे.एस. संतुलन के साथ ऐसे प्रभावशाली कार्यक्रमों के सतत आयोजन की इच्छा व्यक्त की।

दिल्ली विश्वविद्यालय के साथ इस सफल सहयोग के माध्यम से डी.जे.जे.एस. संतुलन ने महिलाओं के सशक्तिकरण एवं लैंगिक समानता के प्रति जागरूक, उत्तरदायी और संवेदनशील युवा पीढ़ी के निर्माण हेतु अपनी प्रतिबद्धता को और सुदृढ़ किया है, जो समाज में सकारात्मक परिवर्तन के वाहक बन सकें।

डी.जे.जे.एस. संतुलन पिछले दो दशकों से अध्यात्मिक जागरण के माध्यम से महिलाओं के समग्र सशक्तिकरण हेतु निरंतर कार्यरत है, ताकि वे समाज में सकारात्मक परिवर्तन की अग्रदूत बन सकें।

दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान (डी.जे.जे.एस.) दिव्य गुरु श्री आशुतोष महाराज जी द्वारा स्थापित एवं संचालित एक वैश्विक स्तर पर प्रतिष्ठित गैर-लाभकारी सामाजिक-आध्यात्मिक संस्था है। संस्था अपने नौ बहुआयामी सामाजिक प्रकल्पों के माध्यम से समाज में शांति, स्थिरता, एकता एवं सद्भाव स्थापित करने हेतु निरंतर कार्य कर रही है।

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