गुरुदेव श्री आशुतोष महाराज जी के दिव्य मार्गदर्शन में दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान द्वारा 24 से 30 मई 2022 तक काशी के पवित्र शहर में भव्य श्रीमद् भागवत कथा का आयोजन किया गया। कथा के माध्यम से दिव्य दृष्टि या शिव नेत्र से जुड़े आध्यात्मिक रहस्यों को जन-जन तक पहुँचाया गया। सात दिवसीय आध्यात्मिक पर्व के आरंभ से पूर्व, कथा व्यास साध्वी आस्था भारती जी सहित अन्य संतों ने माँ गंगा को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए मंगल आरती द्वारा उनके दिव्य आशीर्वाद को प्राप्त किया।

विभिन्न संस्थाओं और नजदीकी क्षेत्रों के जन-मानस के लिए कथा आकर्षण का केंद्र बनी। कथा का शुभारंभ भव्य कलश यात्रा से हुआ जिसमें हज़ारों महिलाएँ कलश भरकर नगर भ्रमण करती हुई कार्यक्रम स्थली पर पहुँची। भावपूर्ण शब्दों और भक्ति भाव से ओतप्रोत मनोरम भजनों सहित कथा वाचन ने सम्पूर्ण नगर के वातावरण को दिव्य स्पंदनों से भर दिया।
साध्वी आस्था भारती जी ने मानव समाज की विरोधाभासी और निम्न मनोस्थिति को चित्रित करते हुए समझाया कि एक ओर विश्व में शांति और स्थिरता स्थापित करने हेतु बहुपक्षीय राष्ट्रीय संरचनाओं, नीतियों, संधियों और विभिन्न अन्य उपक्रमों की संख्या बढ़ रही है, तो वहीं दूसरी ओर स्थिति बिगड़ती ही जा रही है। वस्तुतः यह हमारे बाह्य संसार को निरंतर अस्थिरता की ओर ले जा रहा है। जिसका परिणाम आज युद्धों, गृहयुद्धों, भूमंडलीय ऊष्मीकरण, चारित्रिक, सांस्कृतिक एवं मौलिक पतन के रूप में दृष्टिगोचर हो रहा है। विश्व और स्थानीय स्तरों पर चलाए जा रहे यह उपक्रम ऐसे हैं जैसे एक वृक्ष की जड़ों को छोड़ उसके पत्तों और शाखाओं को पोषित करना। जब तक मन को ऐसे शाश्वत और चिरस्थायी सकारात्मक स्रोत से जागृत नहीं किया जाएगा जो प्रत्येक मनुष्य के अंतः जगत में स्थित है; तब तक बाह्य जगत में भी स्थिरता को प्राप्त नहीं किया जा सकता।

साध्वी जी ने उपस्थित सभी श्रोतागणों से भगवान श्री कृष्ण द्वारा प्रकट आत्म-साक्षात्कार के उस शाश्वत विज्ञान ‘ब्रह्मज्ञान’ का आश्रय लेने का आग्रह किया। समय के पूर्ण गुरु से इसे प्राप्त कर आत्मा का प्रत्यक्ष अनुभव प्राप्त करने के लिए प्रेरित किया जो शांति, निस्वार्थता, नैतिकता और शक्ति का अविरल स्रोत है।
उपस्थित माननीय अतिथियों एवं श्रद्धालुओं ने दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान के प्रयासों का अभिवादन किया। इस भव्य कार्यक्रम का हिंदुस्तान, अमर उजाला, दैनिक जागरण, आज, राष्ट्रीय सहारा, सत्ता सुधार, आजाद पत्र, वीर अर्जुन, अयोध्या टाइम्स, नवदृष्टि टाइम्स, दैनिक जनवाणी, दिल्ली अपटूडेट इत्यादि कई समाचार पत्रों में प्रमुख रूप से उल्लेख किया गया। कथा को संस्थान के यूट्यूब चैनल के माध्यम से विश्व भर में प्रसारित किया गया। फलस्वरूप असंख्य भक्तों ने भागवत महापुराण के सार को ग्रहण कर जीवन के वास्तविक उद्देश्य को पूर्ण करने हेतु ब्रह्मज्ञान की दीक्षा की ओर कदम बढ़ाए।