गुरुदेव सर्व श्री आशुतोष महाराज जी द्वारा संस्थापित दिव्य ज्योति वेद मन्दिर एक शोध व अनुसंधान संस्था है जिसका एकमात्र ध्येय प्राचीन भारतीय संस्कृति के पुनरुत्थान द्वारा सामाजिक रूपांतरण करना है। वैदिक संस्कृति के प्रसार एवं वेदमंत्रोच्चारण की मौखिक परम्परा को जन-प्रचलित करने तथा संस्कृत भाषा को व्यवहारिक भाषा बनाने हेतु दिव्य ज्योति वेद मन्दिर देश भर में कार्यरत है।

इसी सन्दर्भ में दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान की लुधियाना, पंजाब शाखा के वेदपाठियों में नैतिक एवं आध्यात्मिक मूल्यों को रोपित करने के लिए 17 मई 2022 को "ज्ञानाञ्जन शलाकया " के पहले ऑफ़लाइन सत्र का आयोजन किया गया। जिसमें YouTube DJJS World पर प्रसारित नए audio-visual रुद्राष्टाध्यायी - वेद मंत्रों का सामूहिक पाठन किया गया। जिसके बाद दिव्य ज्योति वेद मन्दिर के कार्यकर्ताओं द्वारा मन्त्रों के उच्चारण स्थान का मॉडल प्रदर्शन किया गया और दिव्य ज्योति वेद मन्दिर और दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान के विभिन्न सोशल मीडिया हैंडल पर जागरूकता दी गयी। सत्र में वेद पाठियों द्वारा अपना अनुभव सभी के समक्ष साँझा किये गए और साथ ही उच्चारण व नियमावली के विषय में प्रश्नों का समाधान किया गया l
सत्र की अध्यक्षता दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान की प्रचारक एवं दिव्य ज्योति वेद मन्दिर संयोजिका साध्वी दीपा भारती जी और दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान की लुधियाना शाखा की प्रचारक साध्वी कपिला भारती जी द्वारा की गई। यह सत्र वास्तव में सभी प्रतिभागियों के लिए एक बहुत ही ऊर्जावान और अंतर्दृष्टिपूर्ण सत्र रहा क्योंकि यह हमारी प्राचीन संस्कृति और इसके गौरवशाली इतिहास को अनुभव करने में सहायक था।
