दिव्य गुरु श्री आशुतोष महाराज जी के दिव्य मार्गदर्शन में दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान (डीजेजेएस) द्वारा बीकानेर, राजस्थान में 25 से 31 दिसम्बर 2024 तक पाँच दिवसीय श्री राम कथा का आयोजन किया गया।

कथा व्यास साध्वी त्रिपदा भारती जी ने कहा कि अकसर लोग अज्ञानतावश भगवान राम केव्यक्तित्व को नहीं समझ पाते। भगवान राम के वास्तविक स्वरूप को समझने के लिए आध्यात्मिक दृष्टिकोण की आवश्यकता है। जब पूर्ण गुरु की कृपा से हमारी दिव्य दृष्टि खुलती है, तो हम अपने भीतर प्रभु राम के तत्त्व स्वरूप यानी प्रकाश का दर्शन करते हैं।
हमारे ग्रन्थ कहते हैं कि ईश्वर को जाने बिना, उसका साक्षात्कार किए बिना, उसपर विश्वासनहीं हो सकता; और इस कारण से उससे सच्ची प्रीति भी नहीं हो सकती। इसलिए, सबसेपहले आवश्यक है, ब्रह्मज्ञान द्वारा अन्तर्घट में ईश्वर का दर्शन!

साध्वी जी ने बताया कि भगवान राम के धरती पर अवतरित होने का उद्देश्य अपने भक्तों को ईश्वर की शाश्वत भक्ति से जोड़ना था। भगवान राम ने जन मानस को यही ब्रह्मज्ञान प्रदान किया था।
श्री राम कथा में वर्णित दृष्टांत हमें ब्रह्मज्ञान की शाश्वत विधि द्वारा अंतर्घट में ईश्वर को जानने के लिए प्रेरित करते हैं। यह ब्रह्मज्ञान समय के पूर्ण गुरु की कृपा द्वारा प्राप्त होता है। वेदों के अनुसार ब्रह्मज्ञान प्राप्त करने हेतु एक शिष्य को विनम्रता पूर्वक अपनीजिज्ञासाएं गुरुदेव के समक्ष रखकर, उनके चरण कमलों में प्रार्थना सहित निःस्वार्थ भाव से सेवा करनी चाहिए। श्री राम ने भी गुरु वशिष्ठ जी द्वारा ब्रह्मज्ञान प्राप्त करने हेतु इसी रीतिका पालन किया था।
साध्वी जी ने कहा कि हम सौभाग्यशाली हैं जिन्हें वर्तमान समय में दिव्य गुरुदेव श्री आशुतोष महाराज जी का सान्निध्य प्राप्त हुआ है, जो जन-मानस को ‘ब्रह्मज्ञान’ प्रदान कर विश्व में शांति स्थापित करने हेतु दृढ़ संकल्पित हैं।
कार्यक्रम में उपस्थित विशिष्ट अतिथियों ने श्री राम कथा से प्रभावित हो उसके प्रति अपनी प्रशंसा व्यक्त की। साथ ही, डीजेजेएस के प्रतिनिधियों से भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रम आयोजित करने का अनुरोध किया व उनमें भाग लेने की इच्छा व्यक्त की।