देहरादून (उत्तराखंड): हिन्दुस्तान टाइम्स के नवम्बर 2017 अंक के अनुसार एक गैर सरकारी संगठन द्वारा माना गया कि महिलाओं के स्वास्थ्य, शिक्षा, सुरक्षा आदि, जैसे कारकों के आधार पर राष्ट्रव्यापी लिंग भेद्यता सूचकांक (जी.वी.आई) में उत्तराखंड 13 वे स्थान पर आता है। उत्तराखंड की स्थिति के अनुसार महिलाओं का अस्तित्व खतरे में है। इस गंभीर समस्या के समाधान हेतु, संतुलन टीम राज्य की महिलाओं के साथ कार्यरत है और देहरादून में कन्याओं के प्रति भ्रांतियों को दूर करने व् बालिकाओं को लैंगिक परिप्रेक्ष्य में शिक्षित करने हेतु लगातार कार्य कर रही है। संतुलन द्वारा किए गए कार्यों को विविध पहल, चिंतन सत्रों, लिंग संवेदीकरण कार्यशालाओं, जागरूकता अभियान, जागरूकता यात्रा आदि के साथ एक अभियान के रूप में तैयार किया गया है। इन कार्यक्रमों में महिलाओं के विरुद्ध युगों से चल रही मान्यताओं का स्पष्टीकरण किया जाता है और साथ ही निष्क्रिय चेतना को जगाने हेतु आत्मिक जाग्रति का मार्ग उजागर किया जाता है।

विकास नगर, देहरादून, 18 मई 2019
अधिक से अधिक लोगों को लक्षित करते हुए, देहरादून के विकास नगर के हर्बर्ट पुर में एक जागरूकता काउंटर आयोजित किया गया, जो आस पास के क्षेत्रों के 1500 से भी अधिक लोगों तक सफलतापूर्वक पंहुचा। इस कार्यक्रम में निम्नलिखित विभिन्न गतिविधियों हुयी :

- बढ़ते लिंग आधारित मुद्दों के उपाय बताने हेतु संतुलन के दिव्य प्रकाशनों का ज्ञानवर्धक प्रदर्शन हुआ।
- लिंग आधारित भेदभाव जैसी नियमित चुनौतियों पर केन्द्रित परामर्श हुआ जिसमें लोगों को समझाया गया कि इस समस्या का कैसे सामना करें और क्या प्रतिक्रिया करें।
- पोस्टरों के माध्यम से कन्याओं व् नारी का समाज में महत्त्व और लिंग समानता की आवश्यकता को दर्शाता हुआ काउंटर सजाया गया।
- आगंतुकों को उनके महिला सशक्तिकरण आधारित विचारों को कलमबद्ध करने के लिए आमंत्रित करती हुई एक सन्देश दीवार लगायी गई।
- लिंग आधारित रूडीवादिता पर स्पष्टता रखने वाले संतुलन पैम्फलेट का व्यापक वितरण हुआ।
इसी श्रृंखला में देखिये अन्य स्थानों पर आयोजित कार्यक्रमों की भी कुछ झलकियाँ।
